लगातार बारिश से खराब हो गई फसलें3159917

लगातार बारिश से खराब हो गई फसलें

सेंटर फोटो 14 टिमरनी। खेतों में खराब हो रही मक्का की फसलें।

टिमरनी। विकासखण्ड में अतिविर्ष्ट के कारण किसानों की फसल नष्ट हो गई। जिसे किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। जिसके चलते क्षेत्र में किसानों की फसलों की नुकसानी सर्वे किया जा रहा है। जिसके में फसल सर्वे ग्राम धौलपुर खुर्द में पटवारी अनुराग गौर सहायक सचिव रामजीवन राजपूत सचिव बेनीप्रसाद वर्मा ग्राम सेवक बाथरे आदि ने ग्राम में खेतों का निरीक्षण कर नुकसान का सर्वे किया। वहीं मक्का सोयाबीन चालू हुआ, सर्वे हल्का नंबर 25 ग्राम गुरारखेडा हल्का पटवारी लादूराम धुर्वे के द्वारा खेतों में जाकर सोयाबीन, मक्का का किया। सर्वे अधिक बारिश होने के कारण फसल को हुआ। भारी नुकसान पटवारी धुर्वे द्वारा खेत में सभी किसानों के साथ किया।इस दौरान ओम गुर्जर पप्पू धनगर योगेश नामदेव सोनू मिश्रा मुरली गुर्जर तुलसीराम भाटी आदि मौजूद रहे इस मौके पर खेत में ही बनाया पंचनामा बनाया गया।

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सेंटर फोटो 15 टिमरनी। तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए।

विभिन्न संगठनों ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

टिमरनी। भाजपा युवा मोर्चा, न्यू एसबीएस कबड्डी क्लब, अल्पसंख्यक मोर्चा ने जनपद सीईओ दारा मीडियाकर्मियों को कवरेज करने से रोकने व दुर्व्यवहार करने के सबंध में कलेक्टर ने नाम तहसील कार्यालय में ज्ञापन दिया। जिसमें कहा गया, कि हम मीडिया के साथ हुए इस घटना की निंदा करते हुए सीईओ पर कार्यवाही की मांग की गई। सोमवार जनपद पंचायत के पास मीडियाकर्मियों के साथ धरने पर बैठने की बात कही। इस दौरान युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष सागर तिवारी अक्षय शांडिल्य ,विशाल यादव, अश्रुत अग्रवाल, राजा कौशल ,धीरज गौर ,राहुल सोमवंशी लक्ष्मीनारायण गौर,दिनेश कौशल,उदय ठाकुर,राजेन्द्र मिश्रा, मोहित सोलंकी, सहित युवा मोर्चा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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शाम को डीपीसी बुलाता है लड़कियां, डीपीसी ने कहा- कार्रवाई से बचने शिक्षिकाएं लगा रहीं आरोप

हरदा। नवदुनिया प्रतिनिधि

शिक्षिका निर्मला बराड़े, शांति धोत्रे, ममता पर्ते ने आरोप लगाए हैं कि डीपीसी शाम 6 बजे के बाद छात्रावास की लड़कियों को बुलाता है। इस आरोप को निराधार बताते हुए डीपीसी डॉ. आरएस तिवारी ने कहा, कि कार्रवाई से बचने के लिए शिक्षिकाएं यह आरोप लगा रही हैं। विगत दिनों थाने में एक आवेदन देकर शिक्षिकाओं ने डीपीसी डॉ.आरएस तिवारी की शिकायत की है। जिसमें बताया कि डीपीसी द्वारा जातिसूचक शब्दों के साथ संबोधित किया जाता है। छात्रावास की लड़कियों को शाम 6 बजे के बाद भेजने का कहता है। डीपीसी डॉ. आरएस तिवारी ने बताया कि शिक्षा विभाग से बिना अनुमति के यह शिक्षिकाओं द्वारा अन्य विभाग द्वारा संचालित छात्रावास में अधीक्षक का कार्य कर रही हैं। इसके अलावा छात्रावास अधीक्षक बनने के लिए इन्होंने झूठा प्रमाण पत्र भी आदिमजाति कल्याण विभाग को दिया है। इस कार्रवाई से बचने के लिए शिक्षिकाओं द्वारा बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, कि पदस्थापना की संस्था से 10 से 40 किलोमीटर से भी अधिक दूरी में छात्रावास अधीक्षक का कार्य कर रहे हैं इसकी जानकारी मुझे एवं जिला शिक्षा अधिकारी को लगते ही इन शिक्षकों को तत्काल पत्र लिखकर छात्रावास का प्रभाव छोड़ने के लिए निर्देशित किया गया था, लेकिन उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया। मेरे द्वारा भी उन शिक्षकों को समक्ष में बुलाकर गुणवत्ता सुधार करने शालाओं को 90 प्रतिशत गुणवत्ता स्तर तक ले जाने के निर्देश दिए गए और इनसे कहा गया, कि वह विभाग को भरोसा दिलाएं कि वह गुणवत्ता सुधार करेंगे एवं शाला में नियमित रुप से रहकर अध्यापन कराएंगे, लेकिन उनके द्वारा ऐसा नहीं किया गया।

यहां पर अधीक्षक का कार्य संभाल रही शिक्षकाएं

1. निर्मला बराड़े सहायक अध्यापक पदस्थापना मगरधा विकास खंड हरदा अधीक्षक का प्रभार 40 किलोमीटर दूर विकासखंड टिमरनी उत्कृष्ट कन्या छात्रावास ट्रायबल विभाग टिमरनी।

2. शांति धोत्रे प्राथमिक शाला जामन्याकलां वर्तमान में हाई स्क ूल खामापड़वा में कार्यरत, सीनियर आदिवासी कन्या छात्रावास का प्रभार वर्तमान में कन्या छात्रावास पीपल्या हरदा द ूरी लगभग 10 किलोमीटर से अधिक है।

3. गोविंद मर्सकोले शासकीय प्राथमिक शाला जोगीखेड़ा विकासखंड टिमरनी प्रभार सीनियर आदिवासी बालक छात्रावास रैसलपुर जिला हरदा द ूरी लगभग 40 किलोमीटर।

4. ममता पर्ते सहायक अध्यापक गुठानिया अधीक्षक कन्या आदिवासी छात्रावास रैसलपुर दूरी लगभग 5 किलोमीटर।

छात्रावास में रुकता है पति

डॉ. तिवारी ने कहा, कि ममता पर्ते एवं गोविंद मर्सकोले दोनों पति-पत्नी हैं एवं एक साथ कन्या छात्रावास में पूरे परिवार के साथ रहते हैं, जबकि कन्या छात्रावास के नियमानुसार कोई भी पुरुष रात्रि में छात्रावास में नहीं रुक सकता। उन्होंने अलग से कोई अपना निवास रैसलपुर में नहीं बना रखा है एवं छात्रावास का भोजन तथा किराना समस्त सामग्री का उपयोग स्वयं एवं परिवार के लिए करते हैं जो अत्यधिक गंभीर स्थिति है। कभी भी कन्या छात्रावास में कोई भी अप्रिय घटना घट सकती है।

निर्मला बराड़े ने बेचा था छात्रावास का गेहूं

निर्मला बराड़े ने फर्जी काम करने में माहिर हैं। डॉ. तिवारी ने बताया कि पूर्व में मध्यान्ह भोजन का गेहूं बेचने के आरोप में शिक्षिका निर्मला बराड़े निलंबित हो चुकी हैं। इनकी एक वेतनवृद्धि रोकी गई है। वर्तमान में सर्व शिक्षा अभियान के छात्रावासों में वार्डन पदों की पूर्ति के लिए निकाले विज्ञान में साफ लिखा था, कि वही महिला शिक्षिका आवेदन करे जिसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई हो। लेकिन इनके द्वारा गलत जानकारी देकर आवेदन किया।

पत्र लिखा है

शिक्षिकाओं पर कार्रवाई करने के लिए उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया है। साथ ही आदिम जाति कल्याण विभाग के छात्रावासों के अधीक्षक के प्रभार से मुक्त कराए जाने के लिए भी विभाग को पत्र लिखा है।

डॉ. आरएस तिवारी, डीपीसी

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