National Cultural Festival 2019 : इस माह जबलपुर में बिखरेंगे संस्कृति के विविध रंग3189356

National Cultural Festival 2019 : इस माह जबलपुर में बिखरेंगे संस्कृति के विविध रंग

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों को छोड़कर द्वितीय श्रेणी के शहरों में राष्ट्रीय आयोजन होने जा रहा है। केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय ने 10वें राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव के लिए जबलपुर को चुना है। इससे शहर को एक नई पहचान मिलेगी। महोत्सव जबलपुर के साथ ही सागर और रीवा में भी 14 से 21 अक्टूबर के बीच आयोजित किया जाएगा। केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री प्रहलाद पटेल ने रविवार को होटल सत्य अशोका में मीडिया को यह जानकारी दी।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि पहली दफा इस स्तर का आयोजन जबलपुर में होने जा रहा है। इससे शहर की संस्कृति और कलाप्रेमियों को मंच मिलेगा। यह भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत का उत्सव होगा। महोत्सव में 14 और 15 अक्टूबर को शहीद स्मारक गोलबाजार में कार्यक्रम में होंगे।

16 और 17 अक्टूबर को पीटीसी मैदान पीली कोठी सिविल लाइन्स सागर तथा 20 और 21 अक्टूबर को शासकीय ठाकुर रणमंत सिंह कॉलेज ग्राउंड सिविल लाइन रीवा में कार्यक्रम होंगे। उत्सव में प्रख्यात राष्ट्रीय कलाकार सुरेश वाडकर, विश्व मोहन भट्ट, रोनू मजूमदार, प्रीति पटेल, मालिनी अवस्थी और अनुराधा पौडवाल अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी।

इसके अलावा स्थानीय कलाकारों को अवसर देने के लिए ' माटी के लाल' का मंचन किया जाएगा। पत्रकारवार्ता के दौरान कुमार नीरज, राघवेन्द्र पटेल और आलोक जैन आदि मौजूद रहे।

संस्कृति महोत्सव में ये- संस्कृति मंत्रालय के जोनल डायरेक्टर डॉ.दीपक खिडवरकर ने बताया 2015 में संस्कृति महोत्सव की शुरुआत हुई। संस्कृति मंत्रालय द्वारा अभी तक 9 राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव का आयोजन किया जा चुकी है। ये प्रमुख महोत्सव है।

महोत्सव में देश की समृद्घ विरासत को पेश करने के लिए विविध आयाम जैसे हस्तशिल्प, भोजन, चित्रकारी, मूर्तिकला, लोक जनजातीय, शास्त्रीय व समकालीन विधाओं को एक स्थान पर दिखाने का प्रयास किया जाता है। इसमें 21 जिलों की कला संस्कृतियां शामिल होंगी। खासतौर पर युवाओं को अपने देश की एतिहासिक संपन्नता और स्वदेशी संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।

जबलपुर के पास प्राकृति का सबकुछ फिर भी पिछड़े

केन्द्रीय मंत्री ने जबलपुर को पर्यटन के लिहाज से पिछड़ने होने की बात कही। दावा किया कि जबलपुर प्राकृतिक रूप से सपन्न शहर है। यह 200 किलोमीटर के दायरे में कई वन्य क्षेत्रों से घिरा है। ये अपने आप में अनोखा है। यहां की भौगोलिक स्थिति हर तरह से अनुकूल है फिर भी पर्यटक नहीं आ रहे हैं। अब तो हर तरह से कनेक्टिविटी भी है, लेकिन मार्केटिंग में कहीं चूक हो रही है।

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