हाईकोर्ट का आदेश, स्टेडियम में नहीं होगा रावण दहन3180830

हाईकोर्ट का आदेश, स्टेडियम में नहीं होगा रावण दहन

उमरिया। नईदुनिया प्रतिनिधि

उमरिया में दशहरे को लेकर चल रही हलचल के बीच सार्वजनिक दशहरा उत्सव समिति को हाईकोर्ट ने भी झटका दे दिया है। हाईकोर्ट ने साफ तौर से रावण दहन के लिए स्टेडियम देने से इंकार कर दिया है और आयोजकों को कहा है कि दो दिन के अंदर दूसरे वैकल्पिक स्थानों के लिए आवेदन करें। प्रशासन को भी दो दिन के अंदर वैकल्पिक स्थानों पर निर्णय करने के लिए कहा गया है। हाईकोर्ट ने एक बार फिर कह दिया है कि स्टेडियम में सिर्फ खेलकूद का ही आयोजन हो सकता है। जिला प्रशासन ने दशहरा उत्सव के लिए स्टेडियम देने से इंकार कर दिया था और इस मामले में भाजपा के नेताओं ने कांग्रेस पर प्रशासन पर दबाव बनाने का आरोप लगाया था। इसी दौरान एक याचिका भी हाईकोर्ट में दायर की गई थी जिस पर शुक्रवार को हाईकोर्ट ने अपना निर्णय दिया।

प्रशासन ने दिया मंगल भवन परिसर

जिला प्रशासन ने सार्वजनिक दशहरा उत्सव समिति द्वारा सुझाए गए तीन में से एक स्थान मंगलभवन परिसर को कार्यक्रम के लिए दे दिया है। इस मामले में भी आयोजन समिति के लोगों ने असंतोष जताया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता शंभूलाल खट्टर व पूर्व भाजपा अध्यक्ष राकेश शर्मा ने कहा है कि स्थान देने के लिए प्रशासन ने जो शर्तें लागू की है उससे तो ऐसा लगता है कि हमें आयोजन से ही रोका जा रहा है। प्रशासन ने सिक्योरिटी के तौर पर 15 हजार रुपए जमा कराने के लिए कहा है और किसी भी प्रकार के नुकसान के लिए भी समिति की जिम्मेदारी तय की है। इतना ही नहीं बाकी की व्यवस्थाएं भी समिति के लोगों को ही करनी होंगी।

अवलोकन के बाद ही दिया जाए रावण दहन के लिए स्थान

शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रशासन से मांग की है कि किसी भी समिति को दशहरा मनाने के लिए कोई भी स्थान देने से पहले उस स्थान का गहनता से अवलोकन कर लिया जाए। यदि किसी संकीर्ण स्थान पर कार्यक्रम के दौरान कोई हादसा होता है तो इसका सारा दोष भाजपा के लोग कांग्रेस की सरकार पर मढ़ सकते हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा और उसके नेता निजी स्वार्थ और सस्ती लोकप्रियता हांसिल करने के लिये शहर मे अफवाहें फैला रहे हैं। भाजपाइयों का मकसद भ्रम और उन्माद फैलाना है। इस मौके पर श्री रघुराज मानस कला मंदिर के अध्यक्ष अजय सिंह, त्रिभुवन प्रताप सिंह उपस्थित थे।

16 साल नहीं, 119 साल की परम्परा

कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राजेश शर्मा ने कहा कि भाजपा के लोग अपने 16 साल की परम्परा का ढोल पीट रहे हैं जबकि नगर में दशहरे की परम्परा 119 साल से भी ज्यादा पुरानी हैं। इन लोगों को मालूम होना चाहिये कि शहर के बुजुर्गो ने दशहरा पर्व की जो नीव डाली थी, उसे श्री रघुराज मानस कला मंदिर और उसके सदस्यों ने न सिर्फ मजबूत किया बल्कि इसे विशाल स्वरूप देकर निरंतर बनाये रखा।

भाजपा राज का है आदेश

राजेश शर्मा ने एक सवाल के जवाब में कहा कि स्टेडियम में सिर्फ खेल हों यह आदेश कांग्रेस का नहीं भाजपा राज का है। वर्ष 2015 मे शिवराज सरकार के खेल मंत्रालय ने ही खेल स्टेडियम मे खेल के अलावा कोई कार्यक्रम न करने के संबंध मे आदेश जारी किया था। तीन मांह पूर्व जिला प्रशासन ने नगर के खेल संघों व खिलाडियों की मंशानुरूप पूर्व की भाजपा सरकार के आदेश का पालन कराने की पहल शुरू की गई। अगस्त 2019 मे माननीय उच्च न्यायालय द्वारा भी अेसा ही आदेश जारी किया गया। जिससे कांग्रेस का कोई लेना देना नहीं था। इसके बावजूद एक सामाजिक और धार्मिक संस्था को कांग्रेस समर्थित और जिला प्रशासन को कांग्रेस नेताओं को कठपुतली जैसे शब्दों से विभूषित किया गया।

बस स्टैंड में रावण दहन से खतरा-भाजपा

वहीं दूसरी तरफ भाजपा के वरिष्ट नेता शंभूलाल खट्टर व पूर्व जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा ने जिला प्रशासन को एक पत्र सौंपा है जिसमें बस स्टेंड में रावण दहन से होने वाले खतरे को लेकर सतर्क किया गया है। पत्र में भाजपा नेताओं ने कहा है कि श्री रघुराज मानस कला मंदिर द्वारा रावण जलाए जाने के लिए रावण का पुतला बनाया जा रहा है जिससे खतरा हो सकता है। बस स्टैंड में बसें खड़ी रहती हैं और रावण दहन के साथ होने वाली आतिशबाजी से बसों में आग लग सकती है।

मीटर लगा नहीं और बिल आ गया डेढ़ लाख का

बिरसिंहपुर पाली। जिले में बिजली विभाग एक तरफ तो लोगों को बिजली के लिए सता रहा है वहीं दूसरी तरफ बिना बिजली का मीटर लगाए लाखों का बिल भेज रहा है। अेसा ही एक मामला बिरसिंहपुर पाली में सामने अया है। यहां वार्ड नम्बर एक में रहने वाले कैलाश प्रधान के यहां बिजली का मीटर तक नहीं लगा पर विभाग ने एक लाख उन्तालीस हजार एक सौ पांच रूपए का बिजली का बिल भेज दिया है। कैलाश प्रधान इस बात को लेकर परेशान है कि वो इतना बिल भरेगा कहां से और उसकी दुविधा यह भी है कि आखिर बिना मीटर लगाए इतना बिल भेज कैसे दिया गया। जब कैलाश बिल लेकर विभाग के ऑफिस गया तो उसे कह दिया गया कि पहले बिल जमा कर दो बाद में जांच करा लेंगे। विद्युत विभाग के कर्मचारियों का यह जवाब सुनने के बाद उसकी हालत और भी खराब हो गई और वह शहर के लोगों से मदद मांगने लगा।

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