नई दिल्ली। ऑटो कंपनियों को कहीं से राहत मिलती नहीं दिख रही है। कार कंपनियों की बिक्री में गिरावट का सिलसिला अगस्त में भी जारी रहा। रविवार को जिन कार कंपनियों ने अगस्त की बिक्री के आंकड़े दिए हैं, उससे कोई सकारात्मक संकेत मिलता नहीं दिख रहा।

घरेलू कार बाजार में 48 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाली मारुति सुजुकी ने कहा है कि अगस्त में उसकी घरेलू बिक्री में कुल 34.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। एक अन्य बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी महिंद्रा के वाहनों की घरेलू बिक्री में 26 फीसदी की कमी आई है।

मारुति सुजुकी कुल छह श्रेणियों में कारें बनाती है। उनमें से सिर्फ यूटिलिटी व्हीकल्स (जिप्सी, आर्टिगा, विटारा ब्रेजा, एस-क्रॉस, एक्सएल-6) में बिक्री बढ़ी है। इसमें कुल 18,522 वाहनों की बिक्री की गई है जो अगस्त, 2018 के मुकाबले 3.1 फीसदी ज्यादा है। इस श्रेणी को भारतीय कार बाजार की रीढ़ कहा जाता है।

पिछले वित्त वर्ष में जब कार बाजार में 2.7 प्रतिशत की गिरावट हुई थी तब भी यूटिलिटी व्हीकल्स बाजार में सात फीसदी की वृद्धि हुई थी। पिछले दो वर्षों में देश में जितने नए मॉडल की कारें लॉन्च की गई हैं, उनमें से 70 प्रतिशत इसी श्रेणी की हैं।

इस बाजार में मारुति ने एक के बाद एक कई कारों को लांच कर अपना वर्चस्व बना रखा है लेकिन जाहिर है कि यहां भी ग्राहक दूर हैं। कंपनी की मिनी सेगमेंट यानी ऑल्टो की बिक्री में 71 प्रतिशत, कांपैक्ट सेग्मेंट में 24 प्रतिशत और मिड साइज में 77 फीसदी की बड़ी गिरावट हुई है। मारुति सुजुकी ने चालू वित्त वर्ष के शुरुआती पांच महीनों (अप्रैल-अगस्त) के आंकड़े भी दिए हैं जिसके मुताबिक घरेलू बिक्री में 25.4 प्रतिशत की गिरावट हुई है।

महिंद्रा एंड महिंद्रा की बात करें तो पर्सनल व्हीकल्स वर्ग में इसकी बिक्री में 32, वाणिज्यिक वाहनों में 28 और ट्रैक्टर वर्ग में 17 प्रतिशत की गिरावट हुई है। इस कंपनी को देश में यूटिलिटी व्हीकल्स वाहनों के लिए जाना जाता है लेकिन इसकी बिक्री अगस्त में 27 प्रतिशत घट गई है।

कंपनी के सभी वाहनों का संयुक्त तौर पर बिक्री 26 प्रतिशत कम हुई है। मारुति सुजुकी का निर्यात अगर 10 फीसदी कम हुआ है तो महिंद्रा के वाहनों का निर्यात भी 15 फीसद कम हो गया है। कुल मिलाकर घरेलू बाजार की मंदी के साथ ही कार कंपनियों को विदेशी बाजारों की मंदी की मार भी झेलनी पड़ रही है।

Posted By: Ajay Barve