वाराणसी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बीएचयू के छात्रों द्वारा तैयार की गई गाड़ी "अल्टेर्नो वी 2.0" फिलीपींस में आयोजित एशिया मैराथन-2016 में फर्राटा भरेगी। वह भी मात्र एक यूनिट बिजली खर्च में 150 किलोमीटर तक। अगर पेट्रोल से इसके माइलेज की लागत निकाली जाए तो यह एक लीटर में करीब 1650 किमी तक चलेगी। वैसे इस गाड़ी को बनाने में करीब एक दर्जन छात्रों की टीम लगी हुई है जिसे इसी माह पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा। इसे अप्रैल माह से आईआईटी के आइडिया डेवलपमेंट सेंटर में तैयार किया जा रहा है।

रिक्शे की तरह होगी यह गाड़ी

मालूम हो कि "अवेरेरा फॉर पार्टिसिपेट इन शेल इको एशिया मैराथन-2016" फिलीपींस में आयोजित किया जा रहा है। इसमें देश-विदेश से कई प्रतिभागी भाग लेते हैं। इसके लिए आईआईटी बीएचयू के छात्र अप्रैल से ही एक गाड़ी बनाने में लगे हुए हैं। इस गाड़ी को "अल्टेर्नो वी 2.0" नाम दिया गया है। देखने में तो यह गाड़ी रिक्शे की तरह होगी, लेकिन इसमें खासियत भी कम नहीं होगी। इसमें सेंसर लगे होंगे जो यह बताएंगे कि उसके आस-पास क्या हैं। वह गाड़ी किस स्थान पर है।

इस टीम ने तैयार की गाड़ी

इस कार्य में आईआईटी छात्र आकाश गुप्ता के नेतृत्व में अंकित पटेल, अंकित वर्मा, विवेक, राकेश सिंह, मणिशंकर मीणा के अलावा आकाश चौरसिया, रजत सिंध्वी, अंकित साहू, आदित्य रघुवंशी, अनिल गुप्ता, अनिकेत, प्रतीक चोपड़ा आदि लगे हुए हैं। टीम के कप्तान आकाश गुप्ता ने बताया कि इसे बनाने और उसके सामान के निर्माण में करीब सात माह का वक्त लग गया। अब इस पर बॉडी लगाना बाकी। इसको 30 दिसंबर को अधिकारिक रूप से ट्रायल के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद अगले वर्ष अवेरेरा के लिए भेजा जाएगा।

छह रुपये में 150 किमी

इसकी स्पीड प्रति घंटे करीब 45 किलोमीटर होगी। आकाश की मानें तो इससे पहले जो गाड़ी बनी थी, उसका माइलेज एक यूनिट बिजली खर्च में 96 किमी था। ऐसे में अगर एक यूनिट बिजली की कीमत छह रुपये भी होगी तो यह गाड़ी एक लीटर पेट्रोल के खर्च से 1100 किमी का एवरेज देगी। बताया कि अगर 66 रुपये प्रति लीटर भी पेट्रोल होगा तो इसमें इस खर्च में 11 यूनिट बिजली मिल जाएगी। यानी अब जो गाड़ी तैयार की गई है वह एक लीटर पेट्रोल में 1650 और एक यूनिट बिजली से 150 किमी तक चलेगी।