नई दिल्ली। देश का राजोकषीय घाटा अप्रैल महीने में 1,57,048 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। व्यय विभाग के आंकड़ों के मुताबिक यह वित्त वर्ष 2019-20 के लिए तय किए गए बजट अनुमान का 22 फीसद है और यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में दर्ज किए गए 24 फीसद राजकोषीय घाटे के मुकाबले थोड़ा कम है। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अनुपात के लिहाज से अप्रैल का राजकोषीय घाटा 0.75 फीसद है।

केंद्र सरकारी की यह राजकोषीय स्थिति लेखा महानिरीक्षक (सीजीए) के अकाउंट्स के आधार पर आंकी गई है। इस राशि से सिर्फ 38 फीसद खर्च की भरपाई हो सकती है। अंतरिम बजट में चालू वित्त वर्ष के लिए देश के राजकोषीय घाटा का अनुमान 3.4 फीसद रखा गया है।

सीजीए के रिव्यू ऑफ अकाउंट्स में कहा गया है कि जीडीपी के अनुपात के लिहाज से अप्रैल में राजकोषीय घाटा 0.75 फीसद है और वित्तीय घाटा 0.61 फीसद है।

अप्रैल में सरकार का कुल व्यय 2,54,679 करोड़ रुपये रहा, जो बजट अनुमान का नौ फीसद है। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह अनुपात नौ फीसद ही था। कुल व्यय में राजस्व व्यय 2,24,091 करोड़ रुपये का रहा, जो बजट अनुमान का नौ फीसद है। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह अनुपात आठ फीसद थाष

Posted By: Arvind Dubey