नई दिल्ली। दक्षिण कोरियाई कार कंपनी ह्युंडई जो देश में दूसरी बड़ी कार उत्पादक है ने मंगलवार को पहली इलेक्ट्रिक कार लॉन्च की है। मोदी सरकार द्वारा देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है और इसी कड़ी में कंपनीन ने भी इलेक्ट्रिक कार बाजार में कदम रखते हुए अपनी लेटेस्ट एसयूवी कोना लॉन्च कर दी है।

इस एसयूवी की कीमत होगी 25.3 लाख रुपये और एक बार चार्जिंग से यह 452 किलोमीटर की दूरी तय कर सकेगी। देश में जितनी भी ई-कारें मौजूद हैं उनमें कोई भी एक बार चार्जिंग से इतनी लंबी दूरी तय नहीं कर पाती हैं। ह्युंडई ने यह उत्पाद लॉन्च कर अपनी प्रतिद्वंदी कंपनी मारुति सुजुकी के सामने भी चुनौती रख दी है कि वह भी बिजली से चलने वाली कारों को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट करे। हालांकि इस लांचिंग के साथ ही ह्युंडई ने यह भी कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक कारों के प्रचलन को बढ़ाने की योजना बिना बड़े प्रोत्साहन के परवान नहीं चढ़ेगी।

ह्युंडई मोटर इंडिया के एमडी व सीईओ एसएस किम ने कहा कि हम भारत में स्वच्छ व प्रदूषणरहित ईंधन से चलने वाले वाहनों को प्रोत्साहित करने की नीति का पूरी तरह से समर्थन करते हैं। सरकार ने हाल ही में पेश बजट में बिजली से चलने वाले वाहनों की खरीद पर कर छूट देने का भी ऐलान किया है। लेकिन अगर इन वाहनों को तेजी से प्रचलन में लाना है तो सरकार को और भी प्रोत्साहन देने होंगे।

उन्होंने यह स्वीकार किया कि 25 लाख रुपये से ज्यादा की ई-कार कोना को बहुत सारे भारतीय नहीं खरीद सकते हैं, लेकिन उनका दावा है कि ह्युंडई के पास सस्ती कीमत वाली ई-कार बनाने की भी क्षमता है और भारतीय माहौल के हिसाब से ऐसा मॉडल तैयार करने की योजना भी है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे इसका प्रचलन बढ़ेगा, बिजली चालित कारों की कीमतें भी कम होती जाएंगी। अभी तो भारत में चार्जिंग भी एक बड़ी समस्या है, जिसका समाधान सरकार को ढूंढ़ना पड़ेगा।

यह पूछे जाने पर कि सरकार की तरफ से और किस तरह के प्रोत्साहन की दरकार है, किम का जवाब था कि फ्लीट कारों या सार्वजनिक वाहनों के लिए केंद्र सरकार की तरफ से लागू फेम-दो योजना के दायरे में व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए कार खरीदने वालों को भी शामिल किया जा सकता है। जहां तक कोना का सवाल है तो इसमें कंपनी ने वे सारी चीजें देने की कोशिश की है जो एक एसयूवी में हो सकती हैं। यह शून्य से 100 किमी की रफ्तार महज 9.7 सेकेंड में पकड़ सकती है। इसे पूरी तरह से चार्ज करने में 6 घंटे का समय लगता है। छह एयरबैग, एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम जैसी सामान्य सुविधाएं भी हैं।

भारत में आम जनता के लिए तैयार होने वाली ई-कार के बारे में किम ने बताया कि इस पर दक्षिण कोरिया स्थित कार्यालय व कंपनी के हैदराबाद स्थित रिसर्च व डेवलपमेंट सेंटर के विशेषज्ञ मिल कर काम कर रहे हैं। इसे पूरी तरह से भारतीय माहौल और यहां के इको-सिस्टम के मुताबिक तैयार किया जा रहा है। कोशिश है कि यह एक बार चार्जिंग के बाद कम से कम 200 किलोमीटर की दूरी तय करे। कंपनी इस नई कार के अधिकांश उपकरण, बैट्री, आदि स्थानीय स्तर पर ही मैन्यूफैक्चर करेगी।

Posted By: Ajay Barve