केंद्रीय सड़क तथा परिवहन मंत्री नितिन गडकरी अपने नए आइडियाज को लेकर चर्चा में रहते हैं। फ्लेक्स फ्यूल इंजन को लेकर उनका ताजा बयान वायरस हो रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि वाहन चलाने का खर्च कम होगा और इससे भी बड़ी बात यह है कि प्रदूषण नहीं होगा। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि वह अगले दो-तीन दिनों में फाइल पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं, जिसमें कार निर्माताओं के लिए वाहनों में फ्लेक्स-फ्यूल इंजन लगाना अनिवार्य कर दिया जाएगा। फ्लेक्सिबल फ्यूल व्हिकल वाहनों (एफएफवी) में एक आंतरिक दहन इंजन होता है और ये गैसोलीन (पेट्रोल/डीजल), और गैसोलीन और इथेनॉल के किसी भी मिश्रण पर काम करने में सक्षम होते हैं। ब्राजील, स्वीडन, फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों में ऐसे वाहन लोकप्रिय हैं।

फ्लेक्स फ्यूल इंजन पर गडकरी का बयान, देखिए वीडियो

एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने कहा, भारत हर साल 8 लाख करोड़ के पेट्रोलियम उत्पादों का आयात करता है, और अगर देश जीवाश्म ईंधन पर निर्भर रहता है, तो इसका आयात बिल अगले पांच वर्षों में बढ़कर 25 लाख रुपये हो जाएगा। जीवाश्म ईंधन के आयात को कम करने के लिए मैं अगले 2-3 दिनों में एक फाइल पर हस्ताक्षर करने जा रहा हूं, जिसमें कार निर्माताओं को फ्लेक्स-फ्यूल इंजन वाले वाहन (जो एक से अधिक ईंधन पर चल सकते हैं) बनाने के लिए कहा जाएगा। बता दें, फ्लेक्स-ईंधन गैसोलीन और मेथनॉल या इथेनॉल के संयोजन से बना एक वैकल्पिक ईंधन है।

गडकरी ने कहा कि टोयोटा मोटर कॉर्पोरेशन, सुजुकी और हुंडई मोटर इंडिया के शीर्ष अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वे अपने वाहनों में फ्लेक्स इंजन पेश करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है।

Posted By: Arvind Dubey

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