ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों को आरटीओ के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। तब जाकर काम होता है। लेकिन अब आगे से ऐसा नहीं होगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। जिसके मुताबिक क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के अलावा वाहन निर्माता संघ, गैर लाभकारी संगठन और प्राइवेट कंपनियां भी ड्राइविंग लाइसेंस जारी करेंगी।

ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर चला सकेंगे

अब प्राइवेट कंपनियां और एनजीओ खुद का ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर चला सकेंगी। इनमें दाखिला देने वाले व्यक्तियों को ट्रेनिंग पूरी होने के बाद लाइसेंस दिया जाएगा। इसमें ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पास करते ही ड्राइविंग लाइसेंस इश्यू हो जाएगा। हाल ही में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कहा था कि वैध संस्थान प्रशिक्षण केंद्र की मान्यता के लिए आवेदन कर सकेंगे।

लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया होगी सरल

फिलहाल आरटीओ में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए हर दिन हजारों संख्या में आवेदन आते हैं। हर शख्स का टेस्ट लेने में काफी समय लगता है। ऐसे में कई बार लोगों का नंबर आने में समय लग जाता है। लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया सरल बनाने के लिए केंद्र सरकार ने फैसला लिया है। इससे जनता को राहत मिलेगी।

आरटीओ के चक्कर लगाने नहीं होंगे

कोरोना महामारी को देखते हुए भारत सरकार का ये निर्णय जनता के लिए जरूरी था। आरटीओ में ज्यादा भीड़ होने से संक्रमण फैलने की संभावना ज्यादा है। ऐसे में निजी संस्थाओं को लाइसेंस बनाने की परमिशन देने के बाद चालकों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करना सरल हो जाएगा। इससे आरटीओ के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और समय की बचत भी होगी।

Posted By: Shailendra Kumar