अगर आप भी पुरानी गाड़ी चला रहे हैं, तो सतर्क हो जाइए। सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं और प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए लाई गई वाहन स्क्रैप पॉलिसी को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन और हाईवे मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को राज्य सभा में एक प्रश्न के जवाब में कई जरूरी जानकारियां दीं। मंत्रालय द्वारा जारी ने स्क्रैप पॉलिसी के अंतर्गत वाहन स्वामी को पुरानी गाड़ी को नज़दीकी स्क्रैप सेंटर में ले जाकर कबाड़ में तब्दील करवाना ज़रूरी होगा।

जानकारी के मुताबिक दिल्ली/ एनसीआर, गुजरात और हरियाणा में कुल 6 स्क्रैप सेंटर खोल दिए गए हैं। इस संबंध में प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो ने स्वदेशी सोशल मीडिया मंच कू ऐप पर अपने आधिकारिक हैंडल के जरिये एक पोस्ट में जानकारी दी। इस पोस्ट में लिखा गया, "स्क्रैप नीति छह वाहन स्क्रैपिंग केंद्र (एनसीआर में तीन, गुजरात में दो और हरियाणा में एक) जीएसआर 653 (ई) दिनांक 23 सितंबर, 2021 के अनुसार कार्य कर रहे हैं, जो मोटर वाहन नियम, 2021 का प्रावधान करता है।"

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राज्यों में कितने रैप सेंटर खुले?

- दिल्ली/ एनसीआर: 3 सेंटर

- हरियाणा: 2 सेंटर

- गुजरात: 1 सेंटर

कैसे कर सकते है आवेदन?

आपको बता दें कि आप घर बैठे अपने वाहन को स्क्रैप करने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आपको नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम वेबसाइट https://www.ppe.nsws.gov.in/portal/scheme/scrappagepolicy पर आवेदन करना होगा।

कौन से वाहन सड़क पर चलने के लिए है अनफिट?

स्क्रैप पॉलिसी के मुताबिक निर्धारित स्थानों पर 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन को सड़क पर नहीं चला सकते हैं।

ग्राहक को पुरानी गाड़ी स्क्रैप कराने से क्या होगा?

ग्राहक को अपनी पुरानी गाड़ी स्क्रैप करवाने से थोड़ी रकम भी मिलेगी। पालिसी के मुताबिक जब आप नई गाड़ी खरीदने जाएंगे, तो आपको डिस्काउंट मिल सकेगा। डिस्काउंट लेने के लिए विभाग से मिला स्क्रैप सर्टिफिकेट नई गाड़ी खरीदने के समय जमा करना होगा। इसी के साथ आपको नई गाड़ी के रजिस्ट्रेशन करवाने के समय भी डिस्काउंट मिल सकता है।

Posted By: Shailendra Kumar

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