वॉशिंगटन। वालमार्ट अपने ऊपर लगे एक आरोप का निपटारा करने के लिए अमेरिका की विभिन्न एजेंसियों को 28.27 करोड़ डॉलर (करीब 19.7 अरब रुपये) का भुगतान करेगी। कंपनी पर आरोप है कि उसने भारत, चीन, ब्राजील और मेक्सिको में कारोबार करने के दौरान अमेरिका के भ्रष्टाचार रोधी नियमों का उलंलंघन किया है। सिक्युरिटी एंड एक्सचेंज कमिशन (एसईसी) के मुताबिक ये उल्लंघन कंपनी द्वारा नियुक्त बिचौलियों ने किए। बिचौलियों ने दूसरे देशों के सरकारी अधिकारियों को रकम का भुगतान किया। कंपनी यह सबित नहीं कर पाई कि इन बिचौलियों ने फॉरेन करप्शन प्रैक्सिसेज एक्ट (एफसीपीए) का पालन किया है।

एसईसी ने गुरुवार को कहा कि उसने वालमार्ट पर एफसीपीए का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। कंपनी एक दशक से अधिक बड़ी अवधि में समुचित भ्रष्टाचार रोधी अनुपालन कार्यक्रम चलाने में असफल रही, जबकि इस दौरान कंपनी ने तेजी से अपना अंतरराष्ट्रीय विस्तार किया। एसईसी ने वालमार्ट पर यह आरोप 2011 में लगाया था।

एसईसी ने कहा कि वालमार्ट एसईसी के आरोप का निपटारा करने के लिए 14.4 करोड़ डॉलर से अधिक और डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (डीओजे) द्वारा लगाए गए आपराधिक आरोपों को निपटाने के लिए करीब 13.8 करोड़ डॉलर का भुगतान करने को तैयार हो गई है। इस तरह से कंपनी कुल 28.2 करोड़ डॉलर का भुगतान करेगी।

एसईसी एनफोर्समेंट डिवीजन की एफसीपीए इकाई के प्रमुख चार्ल्स केन ने कहा कि वालमार्ट ने अंतरराष्ट्रीय विस्तार और लागत कटौती को अनुपालन से अधिक महत्व दिया। एसईसी के आदेश के मुताबिक भारत, चीन, ब्राजील और मेक्सिको में वालमार्ट की सहायक इकाइयों द्वारा नियुक्त बिचौलियों ने इन देशों के सरकारी अधिकारियों को रकम का भुगतान किया। वालमार्ट यह साबित नहीं कर पाई है कि उन्होंने एफसीपीए का पालन किया है। जनवरी के आखिर में भारत में वालमार्ट के 22 स्टोर चल रहे थे।

Posted By: Arvind Dubey

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