भोपाल (राज्य ब्यूरो)। आगामी केंद्रीय बजट में आयकर की सीमा पांच लाख से अधिक करने की मांग कर्मचारियों, औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारियों और व्यापारियों ने की है। उनकी यह मांग भी है कि आयकर की धारा 80 सी के तहत मिलने वाली आयकर छूट की सीमा डेढ़ लाख से अधिक की जानी चाहिए। उधर, पेंशनर्स एसोसिएशन की मांग है कि उन्हें आयकर से मुक्त रखा जाए। इसके अलावा कैंटीन समेत कुछ जगह पर जीएसटी से छूट की मांग भी उन्होंने की है।

आयकर छूट का दायरा पांच लाख से ज्यादा करने की जरूरत है। इसके अलावा कर की दरें भी कम करने की आवश्यकता है। दूसरी बात यह कि कई बार रिफंड आने में बहुत देरी हो जाती है। ऐसी प्रक्रिया बनाएं कि रिटर्न भरने के बाद जल्दी रिफंड मिल जाए।

- तेजकुल पाल सिंह पाली, अध्यक्ष, भोपाल चेंबर आफ कामर्स

पेंशनर्स को आयकर से छूट मिलनी चाहिए। अगर मंत्री और विधायकों का आयकर सरकार भर सकती है तो पेंशनर्स का क्यों नहीं। इसके अलावा कैंटीन समेत कुछ महत्वपूर्ण जगह पर पेंशनर्स को जीएसटी में भी छूट मिलनी चाहिए। यूपी में ऐसी व्यवस्था है।

- गणेश दत्त जोशी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, पेंशनर्स एसोसिएशन

इंज आफ डूइंग बिजनेस की बात खूब सुनने को मिलती है, पर आयकर भरने की सरल प्रक्रिया, कर से छूट और रिफंड को भी इसमें महत्व दिया जाना चाहिए। आयकर धारा 80 सी के तहत अभी डेढ़ रुपये तक की आमदनी पर ही छूट मिलती है, इसे बढ़ाने की जरूरत है। आयकर की सीमा पांच लाख को भी बढ़ाया जाना चाहिए।

- मृदुल आर्य, कर सलाहकार (अधिवक्ता)

आयकर के नियम कर्मचारी हितैषी बनाने की जरूरत है। आयकर छूट की सीमा पांच लाख से ऊपर की जानी चाहिए। कर्मचारियों से अन्य लोगों की तुलना में कम दर से आयकर लेना चाहिए। ऐसी व्यवस्था हो कि कर्मचारी वहां जाकर निश्शुल्क रिटर्न भर सकें।

- सुरेंद्र सिंह कौरव, अध्यक्ष, स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी महासंघ

Posted By: Ravindra Soni

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