मुंबई। घरेलू बाजार में वाहनों की बिक्री और उत्पादन में लगातार भारी गिरावट आई है। इसे अर्थव्यवस्था कमजोर होने का बड़ा संकेत माना जा रहा है। जुलाई में पैसेंजर वाहनों का उत्पादन 17 फीसद घटा है और टाटा मोटर्स ने इस तिमाही में तीसरी बार उत्पादन में कटौती की बात कही है। इसकी वजह यह है कि बिक्री में भारी गिरावट आई है।

ग्लोबल ब्रोकरेज कंपनियों की मानें तो भारत में उपभोक्ता वस्तुओं की मांग तेजी से घट रही है, जो आर्थिक मंदी का बड़ा संकेत है। पिछले कुछ माह में मांग घटने की रफ्तार तेज हुई है। इसकी सबसे बड़ी वजह गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) की बेहद कमजोर माली हालत है। उनके पास पास ऑटो डीलरों और कार ग्राहकों को कर्ज देने के लिए फंड नहीं हैं।

इसका कारण यह है कि मुख्य धारा के बैंक केवल उन्हीं ग्राहकों को लोन देने हैं, जिनका सिबिल स्कोर अच्छा होता है। देश में ऐसे लोग कम ही हैं, जो इस श्रेणी में आते हैं। यही वजह है कि ज्यादातर लोग NBFC से लोन लेकर कार या मोटरसाइकिल खरीदते हैं।