नई दिल्ली। बहुप्रतीक्षित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने पर रिजर्व बैंक के ई-कुबेर का इस्तेमाल किया जाएगा। आरबीआई के कोर बैंकिंग सॉल्यूशन ई-कुबेर की मदद से खातों का निपटान किया जाएगा। साथ ही क्रेडिट और डेबिट कार्ड के जरिये ही जीएसटी का भुगतान किया जा सकेगा।

इस बात की सिफारिश राज्यों के वित्त मंत्रियों की अधिकारप्राप्त समिति ने की है। समिति ने जीएसटी के पंजीकरण और भुगतान के संबंध में सिफारिशें की हैं। वित्त मंत्रालय ने बुधवार को इस समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक की।

रिपोर्ट में कहा गया है कि आरबीआई को अपने ई-कुबेर सिस्टम के जरिये समायोजनकर्ता की भूमिका निभानी चाहिए। ऐसा होने पर जीएसटी में बैंकों की भूमिका बढ़ेगी जिससे करदाताओं को फायदा होगा।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जीएसटी का भुगतान इंटरनेट बैंकिंग के साथ-साथ क्रेडिट और डेबिट कार्ड से भी किया जा सकेगा। जीएसटी के लिए पंजीकरण कराने पर 15 अंकों की विशेष पहचान संख्या मिलेगी। यह संख्या पैन नंबर आधारित होगी।

उल्लेखनीय है कि सरकार ने एक अप्रैल 2016 से जीएसटी लागू करने का लक्ष्य रखा है। इसके लागू होने पर उत्पाद शुल्क, सेवा कर, बिक्री कर, चुंगी सहित केंद्र और राज्यों के कई तरह के कर समाप्त हो जाएंगे।

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