नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धीमी निर्यात रफ्तार के बीच भारत ने जुलाई में निर्यात में सवा 2 फीसद की मामूली वृद्धि दर्ज की है। इस महीने देश से 26.33 अरब डॉलर का निर्यात किया गया। हालांकि आयात में तेज कमी के चलते देश का व्यापार घाटा कम होकर 13.43 अरब डॉलर पर आ गया। बता दें बीते साल जुलाई में व्यापार घाटा 18.63 अरब डॉलर रहा था।

अमेरिका और चीन के बीच जारी ट्रेड वार और वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी होने के बाद पूरी दुनिया में निर्यात प्रभावित हुआ है। इसके चलते जून 2019 में देश के निर्यात में 9.71 फीसद की गिरावट दर्ज की गई थी। यही वजह है कि जुलाई में भी निर्यात में केवल 2.25 फीसद की वृद्धि ही दर्ज हो पाई है। जुलाई 2018 में देश से 25.75 अरब डॉलर का निर्यात हुआ था। जुलाई के महीने में निर्यात होने वाले 30 उत्पाद वर्गों में से 17 में वृद्धि दर्ज की गई है।

जहां तक आयात का सवाल है जुलाई में आयात में 10.43 फीसद की गिरावट हुई है। इस महीने देश में 39.76 अरब डॉलर का आयात हुआ। जबकि साल 2018 में 44.39 अरब डालर के सामानों का आयात हुआ था। आयात का कम होना कुछ मायनों में काफी महत्वपूर्ण है। इस महीने ऐसे कई उत्पाद वर्गों में आयात में कमी आई है जो देश में मांग की स्थिति को दर्शाती है। मसलन ट्रांसपोर्ट उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक गुड्स, सोना, कीमती रत्न और न्यूजप्रिंट के आयात में खासी गिरावट जुलाई में आई है। सोने का आयात बीते साल के जुलाई महीने के मुकाबले 42.20 फीसद कम हुआ है। जबकि न्यूजप्रिंट के आयात में 16.50 फीसद की कमी आई है।

इस साल के बजट में सरकार ने न्यूजप्रिंट पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाकर शून्य से 10 फीसद कर दी थी। इसी तरह देश में टीवी आदि इलेक्ट्रॉनिक सामान की मांग में कमी के चलते इनका आयात 1.70 फीसद कम हुआ। पेट्रोलियम उत्पादों के आयात में भी अच्छी खासी कमी आई है।