नई दिल्ली। इस सप्ताह वायदा कारोबार (F&O) की परिपक्वता के कारण शेयर बाजार उतार-चढ़ाव के साए में रह सकते हैं। जुलाई के डेरिवैटिव सौदे गुरुवार को परिपक्व होने वाले हैं। कुछ ब्लूचिप शेयरों के तिमाही नतीजे भी बाजार की दिशा को प्रभावित करने में अहम भूमिका निभाएंगे। कारोबारियों ने कहा कि टैक्स संबंधी मुद्दे, प्रभावहीन तिमाही नतीजे और खपत में गिरावट से कारोबारी माहौल में सुस्ती देखी जा रही है।

सरकार द्वारा टैक्स पर राहत दिए जाने की उम्मीद को खारिज करने से शुक्रवार को बीएसई के सेंसेक्स में इस साल की दूसरी सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। रेलीगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च वाइस प्रेसिडेंट अजीत मिश्र ने कहा कि सोमवार को शुरुआती कारोबार में बाजार रिलायंस इंडस्ट्रीज और HDFC बैंक के तिमाही नतीजे पर प्रतिक्रिया दिखाएंगे। एक्सिस सिक्युरिटीज के एमडी और सीईओ अरुण ठुकराल ने कहा कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की 30 और 31 जुलाई को होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक, मानसून की प्रगति और विभिन्न कंपनियों के नतीजों के असर से निकट भविष्य में उतार-चढ़ाव बने रहने का अनुमान है।

सुस्ती के कारण मध्य अवधि में बाजार में गिरावट का अंदेशा है, हालांकि तीन साल से अधिक अवधि के लिए निवेश करने की इच्छा रखने वालों के लिए यह एक अच्छा अवसर होगा। विश्लेषकों के मुताबिक तेल कीमत, रुपये की चाल और विदेशी पूंजी भी बाजार को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

इस सप्ताह तिमाही नतीजे की घोषणा करने वाले प्रमुख शेयरों में डीएचएफएल, कोटक महिंद्रा बैंक, हिंदुस्तान यूनीलिवर, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, साउथ इंडियन बैंक, टाटा मोटर्स, बजाज ऑटो और मारुति सुजुकी इंडिया शामिल हैं। टीवीएस मोटर कंपनी, लार्सेन एंड टुब्रो, बजाज ऑटो और जेएसडब्ल्यू स्टील जैसी अन्य प्रमुख कंपनियां भी अपने नतीजे जारी करेंगी। पिछले सप्ताहभर के कारोबार में सेंसेक्स में 399.22 अंकों की गिरावट रही।

Posted By: Arvind Dubey

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