SBI loans: भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने सभी अवधि के कर्ज पर एमसीएलआर (ब्याज दर) में 0.05 प्रतिशत तक कमी कर दी। बैंक ने जमा रकम की ब्याज दरों में भी 0.15-0.75 तक की भारी कटौती की है। बैंक ने शुक्रवार को बताया कि नई दरें 10 नवंबर से लागू होंगी। बैंक ने मौजूदा वित्त वर्ष में सतत सातवीं बार कर्ज पर ब्याज दर में कटौती है। इसके साथ ही एक साल के कर्ज का एमसीएलआर कम होकर आठ प्रतिशत पर आ जाएगा। बैंक ने एक से दो साल तक की अवधि वाली खुदरा सावधि जमा पर ब्याज दर 0.15 प्रतिशत घटा दी है। सभी परिपक्वता अवधि की थोक सावधि जमा के लिए ब्याज दरों में 0.30 से 0.75 प्रतिशत तक की कमी की गई है।

जनवरी से नेफ्ट के जरिए फंड ट्रांसफर फ्री

एक और बड़ी खबर यह है कि डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए आरबीआई ने बैंकों से कहा है कि वे बचत खाते वाले ग्राहकों से नेफ्ट के जरिए फंड ट्रांसफर पर कोई शुल्क न वसूलें। आरबीआई के कहने पर बैंक जनवरी 2020 से नेफ्ट ट्रांजैक्शन पर कोई शुल्क नहीं लेंगे। इंटरबैंक ट्रांसफर आरटीजीएस और नेफ्ट के जरिए किए जा सकते हैं। ये दोनों सिस्टम आरबीआई मेंटेन करता है। केंद्रीय बैंक ने अपने बयान में कहा है, 'रिजर्व बैंक ने एक आधुनिक पेमेंट सिस्टम्स शुरू किया है जो प्रभावी, सुविधाजनक, सुरक्षित और अफोर्डेबल हो। इससे डिजिटल ट्राजैक्शन में तेजी आई है।'

आईएमए पोंजी घोटाला : सीबीआई ने की 15 जगह तलाशी

इस बीच सीबीआई ने आई-मोनेटरी एडवाइजरी (आईएमए) पोंजी घोटाला मामले में कर्नाटक और उप्र के 15 ठिकानों पर तलाशी ली। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने बेंगलुरु में 11 व मांड्‌या, रामानागरा, बेलगाम व उप्र में मेरठ में एक-एक जगह तलाशी ली। आईएमए ज्वेल्स के संस्थापक मोहम्मद मंसूर खान पर 30 हजार लोगों के साथ दोहजार करोड़ रुपए की ठगी का आरोप है। उसे गिरफ्तार किया जा चुका है।

Posted By: Arvind Dubey