नई दिल्ली। ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्श का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रेपो रेट में और कटौती कर सकता है। ब्रोकरेज के मुताबिक, RBI दिसंबर में होने वाली अपनी मौद्रिक नीति की समीक्षा में ग्राहकों के फायदे वाला यह कदम उठा सकता है। बता दें रिजर्व बैंक ने पिछले शुक्रवार को हुई द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा में रेपो रेट में 0.25 फीसदी कटौती करने की घोषणा की थी। इस कटौती के बाद अब रेपो रेट घटकर 5.15 फीसद रह गया है। RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने पिछली पांच समीक्षाओं में 5 बार में रेपो रेट में कुल मिलाकर 1.35 फीसद की कटौती की है। गवर्नर पद संभालने के बाद से जितनी बार उन्होंने मौद्रिक समीक्षा पेश की है, उतनी ही बार ब्याज दरों को घटाने का रास्ता साफ हुआ है। रेपो रेट वह ब्याज दर है जिस पर RBI अन्य बैंकों को निश्चित समयसीमा के लिए कर्ज देता है।

गोल्डमैन सैक्श ने यह भी है कि RBI एक और रेपो रेट कट के जरिए ब्याज दर को 4.9 फीसद तक ला सकता है। इसके बाद आगे महंगाई के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए रेट कट पर रोक लगाई जा सकती है। हालांकि खाद्य पदार्थों और तेल की कीमत में बढ़ोतरी के चलते मंहगाई दर 4 फीसद के आंकड़े को पार करती है, तो रेपो रेट में कटौती का कदम रोका भी जा सकता है।

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान GDP ग्रोथरेट में गिरावट के बाद सरकार और RBI इकोनॉमी को गति देने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। वित्तीय संस्थाओं में नगदी के संकट को दूर करने और खपत बढ़ाने के लिए RBI रेपो रेट में लगातार कटौती कर रहा है। इतना ही नहीं, केंद्रीय बैंक ने अन्य व्यापारिक बैंकों को निर्देश दिया है कि वे अपनी ब्याज दरों को रेपो रेट से लिंक करें। इससे घटे हुए रेपो रेट का लाभ ग्राहकों को भी मिल सकेगा। तकरीबन दर्जनभर बैंक इस दिशा में कदम उठा चुके हैं। रेपो रेट की कमी से ऑटोमोबाइल, हाउसिंग, उपभोक्ता सामान सेक्टर पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।

Posted By: Arvind Dubey