नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक सरकार के प्रति जवाबदेह है, लिहाजा उसे सरकार की तरफ से निर्धारित रूपरेखा के दायरे में नीतियां बनानी चाहिए। बिमल जालान की तो कम से कम यही राय है। जालान की टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता को लेकर देश में बहस छिड़ी हुई है।

77 वर्षीय जालान आरबीआई के गवर्नर रह चुके हैं और अब उन्हें उस समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, जिसका गठन रिजर्व बैंक के पास पड़े अतिरिक्त फंड सरकार को ट्रांसफर करने के दिशानिर्देश तय करने के लिए किया गया है। जालान को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल के इस्तीफे के कुछ ही हफ्तों बाद सौंपी गई है।

सरकार को ट्रांसफर किए जाने वाले रिजर्व की सीमा को लेकर विवाद के बीच पटेल ने 10 दिसंबर, 2018 को इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद सरकार ने पूर्व नौकरशाह और वित्त मंत्रालय में काम कर चुके शक्तिकांत दास को रिजर्व बैंक का नया गवर्नर नियुक्त किया॥ असल में आरबीआई के मुनाफे का कितना हिस्सा सरकार को ट्रांसफर किया जाए, इस पर सरकार के साथ विवाद है। साथ ही इस बात को लेकर भी विवाद था कि आरबीआई के पास कितनी सुरक्षित पूंजी होनी चाहिए। आरबीआई बॉन्ड और करेंसी में ट्रेडिंग से मुनाफा कमाता है।

मतभेद बड़ी बात नहीं

बहरहाल, जालान ने समिति की सिफारिशों के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया, हालांकि उन्होंने बैंक और सरकार के बीच संबंधों को लेकर अपनी राय रखी। जालान 1997 से 2003 के बीच केंद्रीय बैंक के गवर्नर थे। आरबीआई के लिए आर्थिक पूंजी की रूपरेखा तय करने के लिए गठित छह सदस्यों वाली विशेषज्ञ समिति का चेयरमैन बनाए जाने के बाद पहले इंटरव्यू में जालान ने कहा, 'मौद्रिक नीति लागू करने के लिए आरबीआई, सरकार के प्रति जवाबदेह है। वैसे सरकार और स्वायत्त संस्थाओं के बीच मतभेद हो सकते हैं।' उन्होंने कहा कि किसी मसले पर अलग-अलग विचार स्वाभाविक है, लेकिन देश के हित में इन्हें आंतरिक तौर पर सुलझाना होगा।

फिलहाल सामंजस्य के संकेत

गवर्नर का पद संभालने के तत्काल बाद दास ने कहा था कि वह नीतिगत मुद्दों पर सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे। माना जा रहा है कि केंद्रीय बैंक मार्च के अंत तक सरकार को 40 हजार रुपए का अंतरिम लाभांश ट्रांसफर कर सकता है। सरकार बैंकों के लिए लागू पीसीए (प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन) के मामले में भी राहत चाहती है। इस प्रावधान की वजह से 11 सरकारी बैंकों के कर्ज देने पर रोक लगी हुई है।

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