सरकार के आंकड़ों के अनुसार सितंबर की खुदरा महंगाई दर पिछले महीने के मुकाबले गिरावट क साथ 4.35 प्रतिशत पर आ गई तो खाद्य वस्तुओं की खुदरा महंगाई दर एक प्रतिशत से भी कम होकर 0.68 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई। अर्थव्यवस्था में तेजी के संकेत और मजबूत होते दिख रहे हैं। पिछले दिनों महंगाई में कमी और औद्योगिक उत्पादन में बढ़ोतरी देखी गई है। अगस्त के दौरान कैपिटल गुड्स में पिछले वर्ष अगस्त के मुकाबले 19.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी रही, जो अर्थव्यवस्था में नए निवेश को संकेतक है। अगस्त के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आइआइपी) में पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 11.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस अवधि में मैन्यूफैक्चरिग में 9.7 प्रतिशत का इजाफा रहा। मैन्यूफैक्चरिग में बढ़ोतरी अर्थव्यवस्था में मांग में बढ़ोतरी को जाहिर करता है जिससे रोजगार के सृजन में भी मदद मिलती है। मुख्य रूप से सब्जी के खुदरा दाम में गिरावट की वजह से खुदरा महंगाई नियंत्रण में आई है। इस वर्ष अगस्त में खुदरा महंगाई दर 5.30 प्रतिशत तो खाद्य वस्तुओं की खुदरा महंगाई दर 3.11 प्रतिशत थी। पिछले वर्ष सितंबर में खुदरा महंगाई दर 7.27 तो खाद्य वस्तुओं की खुदरा महंगाई दर 10.68 प्रतिशत थी।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक गत सितंबर में सब्जी के खुदरा दाम पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 22.47 प्रतिशत की गिरावट रही। अनाज के दाम में भी इस अवधि में 0.61 प्रतिशत की गिरावट रही। हालांकि सितंबर में खाद्य तेल व वनस्पति के खुदरा दाम में पिछले वर्ष सितंबर के मुकाबले 34.19 प्रतिशत, मांस-मछली में 7.90 प्रतिशत, अंडे में 7.06 प्रतिशत तो दाल में 8.75 प्रतिशत की बढ़ोतरी रही। ईंधन के खुदरा दाम में सितंबर महीने में पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 13.63 प्रतिशत तो यातायात व संचार में 9.53 प्रतिशत का इजाफा रहा।

Posted By: Navodit Saktawat