
डिजिटल डेस्क। mAadhaar vs e-Aadhaar: आधार से जुड़े काम और पूरी तरह पेपरलेस पहचान को आसान बनाने के लिए UIDAI ने हाल ही में e-Aadhaar ऐप पेश किया है। यह नया ऐप एंड्रॉयड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इसके लॉन्च होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि mAadhaar और e-Aadhaar में आखिर अंतर क्या है? क्योंकि दोनों आधार-संबंधित ऐप हैं, लोग उन्हें एक जैसा समझ लेते हैं। जबकि दोनों के उद्देश्य, फीचर और उपयोग बिल्कुल अलग हैं।
UIDAI ने क्या स्पष्ट किया?
UIDAI ने एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि e-Aadhaar एक सुरक्षित, स्मार्ट और पूरी तरह पेपरलेस ऐप है। लेकिन यह mAadhaar की जगह नहीं लेता। दोनों ऐप अलग-अलग जरूरतों के अनुसार बनाए गए हैं। mAadhaar मोबाइल-आधारित आधार सर्विस मैनेजमेंट के लिए है, जबकि e-Aadhaar डिजिटल पहचान के सुरक्षित और आसान उपयोग पर केंद्रित है।
mAadhaar ऐप किन कामों के लिए है?
mAadhaar UIDAI का पहला ऑफिशियल मोबाइल ऐप था। इसमें आधार से जुड़े कई जरूरी फीचर्स शामिल हैं-
mAadhaar को आपके आधार का पोर्टेबल वर्जन कहा जा सकता है, जहां आप अपनी जानकारी को मैनेज और कंट्रोल कर सकते हैं।
e-Aadhaar ऐप क्या नया लेकर आया है?
e-Aadhaar ऐप पूरी तरह डिजिटल आइडेंटिटी वेरिफिकेशन और सुरक्षा पर आधारित है। इसके प्रमुख फीचर्स शामिल हैं-
एक मोबाइल नंबर पर 5 आधार प्रोफाइल जोड़ने की सुविधा (एक ही फोन में पूरे परिवार के आधार कार्ड मैनेज)
फेस ऑथेंटिकेशन, जिससे पहचान की पुष्टि और आसान
QR कोड के जरिए डिजिटल पहचान शेयर बिना कागज, सिर्फ स्कैन
मजबूत सिक्योरिटी लेयर, ताकि पहचान का उपयोग तेज, सुरक्षित और पेपरलेस हो सके
दोनों ऐप का उद्देश्य अलग, लेकिन एक-दूसरे को पूरा करते हैं
mAadhaar जहां आधार से जुड़ी सर्विसेज को मैनेज करने में मदद करता है, वहीं e-Aadhaar डिजिटल पहचान को तेजी और सुरक्षा के साथ इस्तेमाल करने का तरीका देता है। दोनों मिलकर आधार सेवाओं को अधिक आधुनिक और सुविधाजनक बनाते हैं।
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