आमतौर पर लोग कर्ज लेने से बचते हैं, लेकिन आज के जमाने में वित्तीय जरूरतें पूरी करने के लिए कर्ज का सहारा लेना आम चलन में है। इस लिहाज से कर्ज को स्मार्ट तरीके से मैनेज करना जरूरी है, ताकि इसका बोझ समय पर उतर जाए। यदि इसका प्रबंधन चतुराई से न किया जाए तो यह जी का जंजाल बन सकता है। मासिक आय का 10-20 प्रतिशत बचाना आदर्श स्थिति होती है। पूरी आमदनी खर्च होने का अर्थ है कि आपके खर्चे नियंत्रण से बाहर हो रहे हैं। ऐसे में जल्द खर्चे आय से ज्यादा हो जाएंगे। यदि ऐसा हुआ तो कर्ज की जरूरत पड़ेगी, जिसे चुकाना मुश्किल हो जाएगा।

रोजमर्रा के खर्च के लिए उधार लेना

जहां तक संभव हो नियमित खर्चे और लाइफस्टाइल से जुड़ी जरूरतें आय से ही पूरी कर लेना चाहिए। उदाहरण के लिए यदि कोई नई शॉपिंग करनी है तो यह जरूरत वेतन से पूरी करें। घूमने-फिरने की तैयारी है तो यह खर्च बचत से उठाएं। यदि ऐसा करने में सक्षम नहीं हैं और इन जरूरतों के लिए उधार ले रहे हैं तो इसका मतलब है कि आप आय और खर्च को सही तरीके से मैनेज नहीं कर पा रहे हैं।

आधी आय ईएमआई में जाना

कुछ लोग एक ही वक्त पर कई तरह के लोन लिए होते हैं। मसलन, एजुकेशन लोन, होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड लोन। इसके लिए हर माह ईएमआई चुकानी होती है, जिसे उचित ढंग से मैनेज करना होता है। सही ढंग से मतलब है कि ईएमआई का लेवल मासिक आय का 30-40 प्रतिशत होना चाहिए। यदि यह ज्यादा है तो आप जोखिम उठा रहे हैं।

ईएमआई, बिल पेमेंट में चूक

यदि आप मौजूदा लोन की ईएमआई और बिल पेमेंट मिस कर जाते हैं तो इसका मतलब है कि आपको आय और खर्च बेहतर तरीके से मैनेज करने की जरूरत है। ईएमआई मिस होना क्रेडिट स्कोर पर निगेटिव असर डालता है। इसे लोन डिफॉल्ट का संकेत माना जाता है। इसलिए पेमेंट्‌स में अनुशासन की जरूरत होती है। इसका एक तरीका यह है कि ईएमआई या बिल पेमेंट को बैंक खाते से ऑटोमेटिक पेमेंट या डिडक्ट मोड पर डाल दें। इससे हर माह सबसे पहले बकाया चुकता होंगे। बाकी रकम खर्च और बचत के काम आएगी।

क्रेडिट कार्ड लोन नियंत्रण से बाहर होना

क्रेडिट कार्ड पहले खर्च करने और बाद में चुकाने की आजादी देते हैं, लेकिन इससे लिए गए लोन समय पर चुकाना जरूरी है। हर तरह के लोन में सबसे महंगा क्रेडिट कार्ड लोन होता है। इसकी ब्याज दरें 50 प्रतिशत तक हो सकती हैं। इसलिए क्रेडिट लिमिट के 20-30 प्रतिशत से ज्यादा खर्च करने से बचें और बिल पेमेंट इंट्रेस्ट फ्री पीरियड के भीतर करें।

कर्ज चुकाने के लिए उधार लेना

यदि आप कर्ज चुकाने के लिए नया लोन ले रहे हैं तो समझ लीजिए कि कर्ज के जाल में फंस चुके हैं।ऐसी स्थिति में सभी वित्तीय जरूरतें और खर्चों पर नजर डालना और उन्हें वरीयता के आधार पर सेट करना जरूरी हो जाता है, ताकि जितनी जल्दी हो इस समस्या से बाहर निकला जा सके।

कहीं कर्ज के जाल में तो नहीं फंस रहे आप

मौजूदा दौर में करीब-करीब हर छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए बाजार में कर्ज उपलब्ध है। शौकिया और अनिवार्य चीजें हासिल करने का यह आसान जरिया है, लेकिन इसके चलते अनजाने में कर्ज के जाल में फंसने का जोखिम बना रहता है। -आदिल शेट्टी सीईओ, बैंक बाजार