मुंबई। सामान्य से कम मानसून और कर्ज के उठाव में सुस्ती की खबरों ने एक दिन पहले दलाल स्ट्रीट में आए उत्साह को गायब कर दिया। चिंताग्रस्त निवेशकों ने गुरुवार को चौतरफा बिकवाली की। इसके चलते बंबई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 469.52 अंक यानी 1.75 फीसद का गोता लगाकर 26370.98 पर बंद हुआ। यह इसका आठ माह का निचला स्तर है।

छह सत्रों के बाद बीते दिन इस संवेदी सूचकांक में 359.25 अंक की तेजी आई थी। इसी प्रकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 159.10 अंक यानी 1.96 फीसद लुढ़ककर 8000 के स्तर से नीचे आ गया। इस दिन यह 7965.35 अंक पर बंद हुआ। मानसून के कमजोर रहने की चिंता बाजार में बनी हुई है।

कर्ज का उठाव घटने को भी अर्थव्यवस्था की कमजोरी के रूप में देखा जा रही है, क्योंकि यह कंपनियों की ओर से पूंजीगत खर्चो में कमी का संकेत है। कच्चे तेल के दामों में इजाफे से कारोबारी धारणा नकारात्मक बनी। विदेशी निवेशक पहले से ही बिकवाली कर रहे हैं। कैश मार्केट में संस्थागत निवेशक भी बिकवाली कर रहे हैं। ऐसे में दलाल स्ट्रीट में मंदडि़ये हावी हो गए।

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भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन एशिया में सबसे खराब रहा। इन दिनों विदेशी निवेशक चीन के शेयर बाजार में बेहतर मौके देख रहे हैं। यही वजह रही कि पिछले सात साल में पहली बार शंघाई कंपोजिट इस महीने 5000 से ऊपर गया। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स मजबूती के साथ खुला और शुरुआती कारोबार में 27 हजार का स्तर भी पार कर गया। मगर बाद में बिकवाली दबाव बढ़ने से यह एक समय सत्र के निचले स्तर 26348.93 अंक को छू गया।

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बीएसई के ऑटो, पावर, रीयल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई। बैंक निफ्टी 2.3 फीसद लुढ़क गया। मिडकैप में 1.7 और स्मॉलकैप में 1.5 फीसद गिरावट आई। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में वेदांत को छोड़कर बाकी सभी के शेयर गिरे। निफ्टी के 50 में से 46 शेयरों में गिरावट आई। विश्लेषकों के मुताबिक बुधवार की तेजी शॉर्टकवरिंग के कारण थी। असल में विदेशी निवेशक बिकवाली कर रहे हैं। इससे चिंता बढ़ गई है। ऐसे में आगे और गिरावट आ सकती है। निफ्टी गिरकर 7800 तक आ सकता है।

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