दुनिया की सबसे बड़े सोलर एनर्जी डेवलपर, अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) और भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की पावर ट्रांसमिशन एवं रिटेल डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी, अदाणी ट्रांसमिशन लिमिटेड (एटीएल) ने सीओपी26 के हिस्से के रूप में, मुख्य रूप से सतत विकास लक्ष्य 7 (एसडीजी 7) का पालन करते हुए, अपने एनर्जी कॉम्पैक्ट लक्ष्यों की घोषणा की। एसडीजी 7 2030 तक हासिल किए जाने वाले लक्ष्यों का एक सेट है। इन कंपनियों को सस्ती, विश्वसनीय और आधुनिक ऊर्जा सेवाओं तक सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करना है और वैश्विक एनर्जी मिक्स में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी में महत्वपूर्ण वृद्धि करना है। एजीईएल और एटीएल दोनों ने अपनी सभी गतिविधियों में एसडीजी की उपलब्धि के अनुसार अपनी व्यावसायिक रणनीति बनाई है, जिसमें एसडीजी 7 आधारशिला के तौर पर मौजूद है।

एजीईएल और एटीएल की प्रतिबद्धता भारत सरकार द्वारा निर्धारित किए गए लक्ष्यों और यूएन एनर्जी कॉम्पेक्ट के लिए इसकी प्रतिबद्धता का भी समर्थन करेगी। भारत "2030 तक रिन्यूएबल एनर्जी की स्थापित क्षमता को 450 गीगावाट तक बढ़ाने" और "2025 तक 10 गीगावाट सोलर पीवी मैन्यूफैक्चरिंग क्षमता जोड़ने के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेन्टिव स्कीम" के लिए प्रतिबद्ध है। भारत ने "कृषि, भवन, उद्योग और परिवहन क्षेत्रों में ऊर्जा-दक्षता बढ़ाने और भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की उत्सर्जन तीव्रता को कम करने के लिए एनर्जी-एफिशिएंट एप्लायंसेज/इक्विपमेंट को बढ़ावा देने" के लिए भी प्रतिबद्धता जताई है।

एजीईएल ने राष्ट्रीय स्तर पर औसत बिजली खरीद लागत (एपीपीसी) से नीचे औसत टैरिफ के साथ, 2030 तक 45 गीगावॉट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा, एजीईएल अगले दशक में रिन्यूएबल एनर्जी विकास में और वित्त वर्ष 2022-23 में प्रति वर्ष 2 गीगावॉट सोलर मैन्यूफैक्चरिंग क्षमता विकसित करने के लिए 20 अरब डॉलर का निवेश करेगा।

एटीएल मुम्बई स्थित अपनी सहायक कंपनी के जरिये, वित्त वर्ष 2023 तक रिन्यूएबल एनर्जी खरीद की हिस्सेदारी को मौजूदा 3% से बढ़ाकर 30% और वित्त वर्ष 2030 तक 70% तक बढ़ाने, तथा प्रति यूनिट राजस्व के आधार पर इसकी कार्बन तीव्रता में कमी का समर्थन करने की प्रक्रिया में है, ताकि जलवायु परिवर्तन में कमी लाने के लिए एसडीजी 13 का समर्थन किया जा सके। एक ट्रांसमिशन प्रोवाइडर और एनर्जी डिस्ट्रिब्यूटर के रूप में एटीएल की भूमिका सस्टेनेबल सिटीज एंड कम्यूनिटीज के लिए एसडीजी 11 लक्ष्य के अनुरूप है, क्योंकि यह लचीला इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करता है और सुसंगत एवं सुरक्षित बिजली आपूर्ति तक समुदाय की पहुंच सुनिश्चित करता है।

अदाणी ट्रांसमिशन लिमिटेड के बारे में

अदाणी ट्रांसमिशन लिमिटेड (एटीएल) भारत के सबसे बड़े व्यापारिक समूहों में से एक, अदाणी ग्रुप की ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रिब्यूशन बिजनेस शाखा है। एटीएल देश की सबसे बड़ी प्राइवेट ट्रांसमिशन कंपनी है, जिसका संचयी ट्रांसमिशन नेटवर्क ~ 18,300 सीकेटी किलोमीटर है, जिसमें से ~ 13,700 सीकेटी किलोमीटर परिचालन अवस्था में है और ~ 4,600 सीकेटी किलोमीटर निर्माण के विभिन्न चरणों में है। एटीएल मुम्बई में लगभग 3 मिलियन से अधिक ग्राहकों को सेवा देने वाला डिस्ट्रिब्यूशन बिजनेस भी संचालित करता है। ऊर्जा के मामले में, आने वाले वर्षों में भारत की चौगुनी जरूरत को देखते हुए, एटीएल मजबूत और भरोसेमंद पॉवर ट्रांसमिशन नेटवर्क बनाने के लिए, और रिटेल ग्राहकों की सेवा करने तथा 2022 तक 'सबके लिए बिजली' का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में पूरी सक्रियता के साथ काम करने के लिए तैयार है।

अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के बारे में

अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) भारत स्थित अदाणी ग्रुप का एक हिस्सा है, जिसके पास सबसे बड़े वैश्विक रिन्यूएबल पोर्टफोलियो में से एक पोर्टफोलियो है और निवेश-ग्रेड के समकक्षों की जरूरतों को पूरा करने वाले ऑपरेटिंग, निर्माणाधीन, अवार्डेड प्रोजेक्ट्स और अधिग्रहित संपत्तियों में 19.8 गीगावाट की लॉक्‍ड-इन प्रगति कर रही हैं। कंपनी यूटिलिटी-पैमाने पर ग्रिड से जुड़े सोलर और विंड फार्म परियोजनाओं का विकास, निर्माण, स्वामित्व, संचालन और रखरखाव करती है। एजीईएल के प्रमुख ग्राहकों में सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एसईसीआई), नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) और विभिन्न राज्यों के डिस्कॉम शामिल हैं। 2018 में सूचीबद्ध, एजीईएल आज 19 बिलियन अमेरिकी डॉलर की मार्केट-कैप कंपनी है, जो भारत को अपने सीओपी21 लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करती है। अमेरिका स्थित थिंक टैंक, मेरकॉम कैपिटल, ने हाल ही में अदाणी ग्रुप को #1वैश्विक सोलर पावर डेवलपर का दर्जा दिया है।

Posted By: Navodit Saktawat