नए साल में कार की कीमतों समेत कई अन्य चीजों की कीमतों में भी इजाफा हुई है। करीब-करीब हर चीज महंगी हुई है। ओमिक्रोन वेरिएंट के कारण निर्मित दहशत के माहौल के कारण भी महंगाई में बढ़ोतरी हुई है। ऑटो उत्पादों, खाद्य पदार्थों के बाद अब AC और फ्रिज के दाम बढ़ गए हैं। कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण बिजली का सामान बनाने वाली कंपनियों ने एसी और फ्रिज के दाम बढ़ा दिए हैं। इसके अलावा वॉशिंग मशीन की कीमतें भी जनवरी से मार्च के बीच 5 से 10 फीसदी तक बढ़ने की आशंका है।

हायर अप्लायंसेज इंडिया के अध्यक्ष ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमत में यह वृद्धि कच्चे माल और विदेशों से आने वाले सामानों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण हुई है। पैनासोनिक कंपनी पहले ही AC की कीमतों में 8 फीसदी की बढ़ोतरी कर चुकी है और एक बार फिर इसमें बढ़ोतरी पर विचार भी कर रही है।

इन कंपनियों ने बढ़ाए अपने प्रोडक्ट के दाम

AC, रेफ्रिजरेटर बनाने वाली कंपनी पैनासोनिक, एलजी, हायर ने अपने प्रोडक्ट के दाम बढ़ा दिए हैं। वहीं सोनी, गोदरेज तिमाही के अंत तक दरें बढ़ा सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड एप्लायंसेज मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने इलेक्ट्रॉनिक्स और उपकरण निर्माताओं से जनवरी और मार्च के बीच दरों में 5.7 फीसदी की बढ़ोतरी करने को कहा है। साथ ही कुछ कंपनियां पहले की कीमतों में बढ़ोतरी कर चुकी है।

एयर कंडीशनर की कीमतों में 8 फीसदी का उछाल

एयर कंडीशनर की कीमतों में पहले ही करीब 8 प्रतिशत का उछाल हो चुका है। पैनासोनिक इंडिया के डिवीजनल डायरेक्टर, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स फुमियासु फुजीमोरी ने कहा कि हम निकट भविष्य में घरेलू उपकरणों के लिए कीमतों में बढ़ोतरी पर ध्यान दे रहे हैं। अप्रैल तक चरणबद्ध तरीके से कीमतों में कम से कम 8-10 फीसदी की बढ़ोतरी की जाएगी। बीते साल दिसंबर के मुकाबले इस साल कीमतों में करीब 6-7 फीसदी का इजाफा हुआ है।

दाम घटने की संभावना बेहद कम

ऐसे में जब इलेक्ट्रॉनिक सामान की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है तो भविष्य में दाम कम होने की संभावना काफी कम है। भविष्य में कीमतों में गिरावट मांग और आपूर्ति पर भी निर्भर करती है। अगर इलेक्ट्रॉनिक्स की मांग में गिरावट आती है और कच्चे माल की कीमतों में गिरावट आती है तो अप्रैल-मई तक बिजली के सामानों की कीमतों में गिरावट की उम्मीद है।

Posted By: Sandeep Chourey