नई दिल्ली। टाटा ग्रुप सरकारी कंपनी एयर इंडिया के लिए बोली लगाना चाहता है। यदि यह प्रयास सफल रहा तो यह एयर इंडिया की घर वापसी होगी। करीब 88 वर्ष पहले टाटा ग्रुप ने ही महाराजा नाम से मशहूर इस विमानन कंपनी की स्थापना की थी।

एक प्रमुख अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक टाटा ग्रुप सिंगापुर एयरलाइंस (विस्तारा में पाटर्नर) के साथ मिलकर एयर इंडिया के लिए बोली लगाने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ग्रुप राष्ट्रीय विमानन कंपनी के लिए अपनी दावेदारी की योजना को अंतिम रूप देने के करीब है।

उन्होंने इसके अधिग्रहण के तौर-तरीकों पर काम पहले ही शुरू कर दिया है। इसमें एयरएशिया इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस का विलय शामिल हैं। एयरएशिया इंडिया में टाटा ग्रुप की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस एयर इंडिया की 100 प्रतिशत सहाहय कंपनी है।

साल 1932 में जेआरडी टाटा ने ही एयर इंडिया की नींव रखी थी और 1946 में इसका राष्ट्रीयकरण कर दिया गया था। शुरुआत में इसका नाम टाटा एयरलाइंस हुआ करता था, लेकिन राष्ट्रीयकरण के बाद 1948 में यह एयर इंडिया हो गई। अब यह कंपनी वापस टाटा घराने के पास जा सकती है। संकट से जूझ रही एयर इंडिया के लिए बोली लगाने की आखिरी तारीख 17 मार्च है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि फर्नांडिस या एयरएशिया इंडिया टाटा-सिंगापुर एयरलाइंस की ओर से एयर इंडिया के लिए लगाई जाने वाली बोली का हिस्सा होंगे या नहीं। उनके खिलाफ चल रहे कानूनी मामले इसकी वजह हो सकते हैं।

बाजार में एकाधिकार पर नजर

टाटा ग्रुप फिलहाल फुल-सर्विस विमानन कंपनी विस्तारा का संचालन करता है। यह कंपनी सिंगापुर एयरलाइंस के साथ संयुक्त उपक्रम है, जिसमें टाटा ग्रुप की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है। फिलहाल फुल-सर्विस विमानन सेवा के भारतीय बाजार में विस्तारा की प्रतिस्पर्धा केवल एयर इंडिया से है। ऐसे में यदि टाटा ग्रुप ने एयर इंडिया का अधिग्रहण कर लिया तो फुल-सर्विस स्पेस में उसका एकाधिकार हो जाएगा।

टोनी फर्नांडिस से संपर्क

रिपोर्ट के मुताबिक टाटा ग्रुप ने एयर इंडिया एक्सप्रेस के अधिग्रहण की मंजूरी के लिए मलयेशियाई उद्यमी टोनी फर्नांडिस से संपर्क किया है, जो एयरएशिया इंडिया में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं। शेयरधारक समझौते के मुताबिक यदि फर्नांडिस इसके लिए तैयार नहीं होते हैं तो टाटा ग्रुप किसी अन्य किफायती विमानन कंपनी में 10 फीसदी से ज्यादा निवेश नहीं कर सकता।

बहरहाल, इस बात की संभावना बन रही है कि टाटा और फर्नांडिस के बीच जल्द एक नया समझौता होगा। एयरएशिया इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के विलय की स्थिति में भारतीय विमानन क्षेत्र में फर्नांडिस की बड़ी बाजार हिस्सेदारी हो जाएगी और दोनों पार्टनर फायदे में रहेंगे। एयरएशिया इंडिया की शुरुआत टाटा ग्रुप और फर्नांडिस के बीच एक संयुक्त उपक्रम के तहत 2013 में हुई थी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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