नई दिल्ली। सरकार ने कहा कि एअर इंडिया के रणनीतिक विनिवेश के लिए वह प्रतिबद्घ है। इस काम में पूर्व में सफलता नहीं मिलने को ध्यान में रखते हुए कई चीजों को दुरुस्त करने का प्रयास किया गया है।

नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में कहा इस बार हमें विनिवेश में सफलता मिलने का विश्वास है।

पुरी ने कहा कि एअर इंडिया के विनिवेश में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यह भारतीय हाथों में रहे।

कोई भारतीय इकाई ही इसे चलाए। पुरी ने यह भी बताया कि एअर इंडिया के पास कुछ महत्वपूर्ण कलाकृतियां हैं जिन्हें मॉडर्न आर्ट गैलरी के सुपुर्द किया जाएगा।

सभी विमानन कंपनियां घाटे में

एअर इंडिया के घाटे के सवाल पर उन्होंने कहा कि जहां तक घरेलू उड्डयन बाजार की बात है तो केवल एयर इंडिया नहीं बल्कि लगभग सभी विमानन कंपनियां घाटे में हैं।

पुरी ने कहा कि 31 मई 2018 को आखिरी तारीख तक एअर इंडिया के रणनीतिक विनिवेश के लिए कोई बोली प्राप्त नहीं होने पर, एअर इंडिया के लिए विशिष्ट वैकल्पिक तंत्र (एआईएसएएम) ने 18 जून 2018 को आयोजित अपनी बैठक में कई निर्णय लिए।

इनमें गैर-महत्वपूर्ण भूमि और भवन संपत्तियों का मौद्रीकरण करना शामिल है जिन्हें पहले ही चि-ति किया जा चुका है।

जवाब के मुताबिक सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि एअर इंडिया और उसकी सहयोगी कंपनियों की वित्तीय स्थिति को अंतिम रूप दिया जाए।

Posted By: Nai Dunia News Network