इंदौर। पिछले दो शकर सत्रों में उत्पादन बढ़ने का खामियाजा शकर मिलें तो भुगत ही रही हैं। भारी-भरकम स्टॉक से शुरू होने वाला अगला सत्र गन्ना किसानों की भी परेशानी बढ़ा सकता है। अगले सत्र की शुरुआत 250 लाख टन की वार्षिक खपत जितने सटॉक के साथ होगी।

वर्ष 2017-18 और 2018-19 में क्रमशः 140 और 110 लाख टन से अधिक का स्टॉक बचा है। शकर उद्योग को केंद्र सरकार द्वारा दी गई सुविधाओं और राहत के बावजूद मांग में पर्याप्त बढ़ोतरी न होने के बीच गन्ने की आसान उपलब्धता की वजह से शकर का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ।

पिछले दो वर्षो में जिस तरह से उत्पादन बढ़ा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें नीचे बनी रहीं, उसके कारध शकर उद्योग को काफी परेशानी हुई। उत्पादन बढ़ने के बावजूद शकर मिलें माली हालत सुधार नहीं पाईं। उनपर कर्ज का बोझ बढ़ता चला गया।

मुख्य उत्पादक राज्यों, उत्तर प्रदेश और महारष्ट्र में फिलहाल शकर मिलों पर गन्ना किसानों का 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक का बकाया है। इसमें से लगभग 4,500 करोड़ रुपए से अधिक की राहत ब्याज में छूट के तौर पर मिल चुकी है।

इसके अलावा सरकार ने इथेनॉल की कीमत बढ़ाई, इसका इस्तेमाल बढ़ाने के प्रयास किए और निर्यात प्रोत्साहन जैसे कदम उठाए। बावजूद इसके शकर मिलें गन्ना किसानों का पूरा बकाया चुकाने में विफल रहीं।

गन्ने की जगह मक्का, सायोबीन की खेती

महाराष्ट्र में राज्य सरकार के साथ ही कई किसान संगठनों भी ने किसानों को गन्ना कम बोने की सलाह दी है। लंबे समय से जारी उधारी के कारण कई गन्ना किसान परेशान है। ऐसे में किसान संगठन नहीं चाहते कि यह उधारी और किसानों की परेशानी बढ़े।

इसकी वजह से महाराष्ट्र के कई हिस्सों में गन्ने की जगह मक्का और सोयाबीन की खेती की बात की जा रही है। पिछले तीन माह में गन्ना उत्पादक कई क्षेत्रों में खेत खाली रहने से यह अनुमान लगाया जा रहा है।

नई फसलों के बीच की मांग

गन्ना किसान क्षेत्रीय संगठनों के मार्फत महाराष्ट्र सरकार से अब मक्का और सोयाबीन के बीज की मांग कर रहे हैं। कई क्षेत्रों में इसके लिए सरकार से सहकारी संगठनों के जरिए बीज वितरण की मांग की जा रही है।

इसकी मुख्य वजह पिछले वर्ष महाराष्ट्र के कई हिस्सों में किसान बाजार से लिए गए कपास के बीज से हुए नुकसान के बाद अब सतर्कता बरती जा रही है। ऐसे में शेतकारी संघगन और गन्ना क्षेत्र से जुड़े अन्य संघठन सरकार से सीधे बीज वितरण की मांग कर रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network