मुंबई। कर्ज के संकट से जूझ रहे उद्योगपति अनिल अंबानी रेडियो यूनिट और म्यूचुअल फंड से लेकर रोड प्रोजेक्ट तक बेचकर 21,700 करोड़ रुपए (3.2 अरब डॉलर) जुटाने की योजना बना रहे हैं। असल में कर्ज उतारने के लिए अंबानी हर वो चीज बेचना चाहते हैं, जो बिक सकती है।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (एडीएजी) के एक प्रवक्ता ने अंबानी की योजना की जानकारी दी। प्रवक्ता के मुताबिक रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर 9 रोड प्रोजेक्ट्स बेचकर 9 हजार करोड़ रुपए जुटाने की योजना बना रही है।

रिलायंस कैपिटल को अपनी रेडियो यूनिट की बिक्री से 1,200 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है। ग्रुप को अंदाजा है कि फाइनेंशियल बिजनेस में हिस्सेदारी बेचने से 11,500 करोड़ रुपए जुटाए जा सकते हैं।

इससे पहले 11 जून को अनिल अंबानी ने कहा था कि उन्होंने 14 महीने में अपनी संपत्तियां बेचकर 35 हजार करोड़ रुपए का कर्ज चुकाया है।

हालांकि अब भी एडीएजी ग्रुप पर भारी-भरकम कर्ज है। ग्रुप की 4 बड़ी कंपनियों पर लगभग 93,900 करोड़ रुपए का कर्ज है। इसमें अंबानी की फ्लैगशिप कंपनी रही रिलायंस कम्युनिकेशंस शामिल नहीं है, जिसके खिलाफ हाल में दिवाला प्रक्रिया शुरू की गई है।

समेटने से सुधरेगा कारोबार

विशेषज्ञों का कहना है कि संपत्ति बेचकर कर्ज चुकाने से अनिल अंबानी को ग्रुप कंपनियों की माली हालत सुधारने में मदद मिलेगी। हालांकि उनकी एक कंपनी के ऑडिटर ने हाल में रिजाइन कर दिया और क्रेडिट रेटिंग घटने के बाद अन्य कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की जा रही है।

रणनीति आसान नहीं

अंबानी के लिए संपत्ति बेचना आसान नहीं है। केयर रेटिंग्स ने अप्रैल के बयान में रिलायंस कैपिटल के विनिवेश में देरी की तरफ इशारा किया था। इसके साथ ही कंपनी की रेटिंग में भी कटौती कर दी थी। इससे पहले वर्ष 2017 में रिलायंस कम्युनिकेशंस को जियो के हाथों बेचने की हुई डील भी इस साल की शुरुआत में रद्द हो गई।

Posted By: Nai Dunia News Network