Wholesale Price Index: देश के लोगों के लिए महंगाई के मोर्चे पर एक राहत भरी खबर है। पिछले महीने थोक महंगाई दर में गिरावट दिखी है। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर महीने में होलसेल प्राइस-बेस्ड इन्फ्लेशन (WPI) यानी थोक महंगाई दर घटकर सिंगल डिजिट में (8.39 फीसदी) आ गई है। यह बीते 19 महीने का सबसे निचला स्‍तर है। मोटे तौर पर ईंधन और मैन्‍युफैक्‍चर्ड गुड्स के दाम घटने से होलसेल महंगाई नीचे आई है। साथ ही खाने-पीने की चीजों की होल सेल कीमतों में भी गिरावट हुई है। अक्टूबर में खाद्य वस्तुओं की महंगाई 8.33 फीसदी रही, जो सितंबर, 2022 में 11.03 फीसदी थी। इसका असर खुदरा बाजार पर भी पड़ना स्वाभाविक है। अगर यही ट्रेंड रहा तो इस महीने भी लोगों को राहत मिलेगी और कम से कम बढ़ती कीमतों पर लगाम लगी रहेगी।

काफी दिनों बाद नीचे आया WPI

आपको बता दें कि लंबे समय बाद WPI सिंगल डिजिट में आया है। 19 महीने में यह पहली बार हुआ कि होलसेल इनफ्लेशन दर सिंगल डिजिट में आई है। इससे पहले सितंबर में यह 10.70 फीसदी पर थी। अगस्त में यह 12.41 फीसदी और जुलाई में 13.93 फीसदी पर थी। पिछले साल अक्टूबर 2021 में WPI 13.83 फीसदी रही थी। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि खनिज तेल, बेस मेटल, फ्रैबिकेटेड मेटल प्रोडक्‍ट, अन्य नॉन-मेटल मिनरल प्रोडक्‍ट और मिनरल के दाम घटने से अक्टूबर, 2022 में थोक मुद्रास्फीति घटी है।

Posted By: Shailendra Kumar

  • Font Size
  • Close