ब्रिटेन की ऑयल कंपनी केयर्न एनर्जी ने मंगलवार को कहा कि वह पूर्व की तथि से टैक्स मांग को लेकर उसे हुए नुकसान के एवज में भारत सरकार से 140 करोड़ डॉलर (करीब 10,300 करोड़ रुपये) की मांग कर रही है। कंपनी ने अपने छमाही वित्तीय नतीजों से जुड़े बयान में कहा कि उसे अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण से जल्द इस मामले में फैसला सुनाने की उम्मीद है। कंपनी ने न्यायाधिकरण के समक्ष भारत सरकार की पूर्व की तिथि से 10,247 करोड़ रुपये की मांग को चुनौती दी है।

केयर्न के मुताबिक ब्रिटेन-भारत द्विपक्षीय निवेश संधि के तहत उसके दावे पर अंतिम सुनवाई दिसंबर 2018 में हुई। सभी औपचारिक सुनवाई और जरूरी सूचना दी जा चुकी है। न्यायाधिकरण अब फैसला लिखने की प्रक्रिया में है।

केयर्न के मुताबिक न्यायाधिकरण ने इस वर्ष के आखिरी महीनों में निर्णय सुनाने का संकेत दिया है। कंपनी का कहना है कि भारत में उसके निवेश के साथ निष्पक्ष और समान रूप से व्यवहार नहीं किया गया।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह एक अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने कहा था कि भारत द्वारा वोडाफोन ग्रुप से पूर्व की तिथि से 22,100 करोड़ रुपये का टैक्स मांगना दक्षिण एशियाई देश और नीदरलैंड्स के बीच द्विपक्षीय निवेश समझौते का उल्लंघन है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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