नई दिल्ली। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने जेट एयरवेज की हिस्सेदारी खरीदने के मामले में अबूधाबी स्थित एतिहाद एयरवेज पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। नियामक को लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे के तीन उड़ान स्लॉट के सौदे की पूरी जानकारी नहीं देनेपर यह कार्रवाई की गई है। आयोग ने एतिहाद को जुर्माना 60 दिन के भीतर चुकाने को कहा है।

नियामक की इस कार्रंवाई से पहले बृहस्पतिवार को ही प्रतिस्पर्धा अपीलीय ट्रिब्यूनल (कॉम्पैट) ने एयर इंडिया के पूर्व कार्यकारी निदेशक जितेंद्र भार्गव की याचिका पर सीसीआई को नोटिस जारी किया है। जेट-एतिहाद सौदे को सीसीआई की मंजूरी को भार्गव ने चुनौती देते हुए कहा है कि नियामक घरेलू विमानन बाजार में प्रतिस्पर्धा पर पड़ने वाले असर का आकलन करने में विफल रहा है। कॉम्पैट ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख नौ जनवरी तय की है।

एतिहाद ने अप्रैल में जेट की 24 फीसद हिस्सेदारी 2,060 करोड़ रुपये में खरीदने का समझौता किया था। सीसीआई सहित विभिन्न नियामकों ने हाल ही में इस सौदे को मंजूरी दी है। सीसीआई के इस जुर्माने से सौदे को दी गई मंजूरी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। नियामक ने यह जुर्माना जेट और एतिहाद के बीच 26 फरवरी को हुए उड़ान स्लॉटों के सौदे की सूचना छुपाने के मामले में लगाया है।

इस सौदे के तहत जेट ने लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे के अपने तीन उड़ान स्लॉटों की बिक्री एतिहाद को की थी। सौदे में यह भी शामिल था कि ये स्लॉट जेट को वापस लीज पर दिए जाएंगे। नियामक ने कहा कि उसे सौंपे गए दस्तावेजों में उड़ान स्लॉट सौदे की जानकारी नहीं दी गई। एतिहाद ने दलील दी है कि उसका नजरिया यह था कि उड़ान स्लॉटों की बिक्री एक अलग सौदा है।