फार्मास्युटिकल विभाग के सचिव पीडी वाघेला ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार जल्द फार्मा सेक्टर में अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) के लिए एक विशेष नीति लाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इनोवेशन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण खोज करने वाले वैज्ञानिकों को इसका पुरस्कार मिलना चाहिए। वाघेला ने कहा कि सरकार देश में दवाओं, चिकित्सा उपकरणों के लिए तीन राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) स्थापित करने की योजना बना रही है, जबकि हैदराबाद स्थित 'नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च' (एनआईपीईआर) में एक सीओई स्थित होगा। उन्होंने कहा, 'हमें तैयार रहना चाहिए कि हमारे वैज्ञानिक भी करोड़पति बनें। यदि वे (वैज्ञानिक) अच्छे उत्पादों का आविष्कार कर सकते हैं और कुछ शोध कर सकते हैं, तो क्यों नहीं?'वाघेला ने कहा कि ऐसा यूरोप और अमेरिका में हो रहा है, तो भारत में क्यों नहीं हो सकता।

वाघेला ने कहा, 'यहां तक कि किसी सरकारी संस्थान में यदि वैज्ञानिक कुछ अच्छा आविष्कार करते हैं और उन्हें एक व्यावसायिक उत्पाद में बदला जाता है, तो हमें उन्हें पुरस्कृत करना चाहिए।' वह एक वीडियो कांफें्रस के माध्यम से सीएसआईआर-भारतीय रसायन प्रौद्योगिकी संस्थान के 77वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा, 'हम (आरएंडडी नीति पर) काम कर रहे हैं। हमारी आरएंडडी नीति इस बारे में है... इसलिए हमारे विभाग ने इस नीति को तैयार करने के लिए उद्योग और अकादमिक जगत से बातचीत की है और हम इसे जल्द ही अंतिम रूप देंगे।' वाघेला ने बताया कि भारतीय दवा उद्योग दुनिया में मात्रा के हिसाब से तीसरा और वैल्यू के मामले में 14वें स्थान पर है।

Posted By: Nai Dunia News Network

  • Font Size
  • Close