चीन की दिग्गज टेक कंपनी टेनसेंट (Tencent) ने ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट में बड़ी हिस्सेदारी खरीद ली है। कंपनी ने Flipkart के को-फाउंडर बिन्नी बंसल के शेयर खरीदे, जिनके लिए उसने 26.4 करोड़ डॉलर यानी करीब 2,060 करोड़ रुपये दिये। अपनी यूरोपियन सब्सिडियरी के तहत टेनसेंट ने इस डील को फाइनल किया है। बिन्नी बंसल Flipkart के को-फाउंडर रहे हैं लेकिन टेनसेंट के साथ हुई डील के बाद बंसल के पास फ्लिपकार्ट के 1.84% शेयर्स ही बचे हैं। आपको बता दें कि फ्लिपकार्ट का मुख्यालय सिंगापुर में है और इसकी सर्विस भारत में ही सीमित है।

फ्लिपकार्ट और टेनसेंट के बीच यह डील सिंगापुर में फाइनल हुई है। वैसे इस डील को 26 अक्टूबर, 2021 में ही फाइनल कर दिया गया था, लेकिन सरकारी अधिकारियों को इसकी जानकारी वर्तमान वित्तीय वर्ष 2022-23 में हुई। बिन्नी बंसल से शेयर्स खरीदने के बाद टेनसेंट के पास अब फ्लिपकार्ट के 0.72% शेयर्स हो गए हैं, जिनकी वैल्यू करीब 26.4 करोड़ डॉलर है। आपको बता दें कि भारत में टेनसेंट ने कई कंपनियों में निवेश किया है। टेनसेंट कंपनी का ही ऐप पबजी था, जिसे भारत सरकार ने भारत में बैन कर दिया है।

ऐसे हुई थी Flipkart की शुरुआत

साल 2007 में बिन्नी बंसल और उनके पार्टनर सचिन बंसल ने साथ मिलकर ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट शुरू किया था। अच्छी-खासी कामयाबी के बाद सचिन ने फ्लिपकार्ट में अपनी पूरी हिस्सेदारी को बेच दिया और कंपनी से अलग हो गये। बिन्नी अभी भी फ्लिपकार्ट के साथ बने हुए हैं, लेकिन धीरे-धीरे वो भी अपने शेयर्स बेचते जा रहे हैं।ताजा डील के बाद Flipkart में बिन्नी बंसल की अब मात्र 1.84 प्रतिशत की हिस्सेदारी बची है।

क्यों बेचने पड़े शेयर?

दरअसल, जुलाई 2021 के दौरान फ्लिपकार्ट के लिए फंडिंग जुटाना बिन्नी बंसल और Tencent के लिए एक बड़ा टास्क साबित हो रहा था। इस दौरान फंडिंग जुटाने की कवायद के तहत बंसल और टेनसेंट के बीच यह डील हुई थी। उस फंडिंग राउंड में 3.6 अरब डॉलर जुटाने के बाद फ्लिपकार्ट का मूल्यांकन बढ़कर 37.6 अरब डॉलर हो गया था। फंडिंग के इस राउंड में Qatar Investment Authority, Khazanah Nasional Berhad, Tencent, Willoughby Capital, Antara Capital, Franklin Templeton and Tiger Global ने भी भाग लिया था।

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