नई दिल्ली। चालू रबी सीजन के दौरान देशभर में फसलों की बोवनी सालाना आधार पर 19.88 लाख हेक्टेयर घटी है। अब तक कुल बोवनी 546.22 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले रबी सीजन की समान अवधि में इन फसलों का रकबा 566.11 लाख हेक्टेयर था।

अब तक गेहूं की बोवनी में बढ़ोतरी हुई है। तिलहन की बोवनी पिछड़ने की एक हद तक भरपाई भी दिसंबर में हो गई। लेकिन, मोटे अनाज और दलहन की बोवनी की रफ्तार अब भी धीमी है। यह स्थिति तब है, जब किसान अधिक-से-अधिक 15 दिन और बोवनी कर सकते हैं।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय की तरफ से विभिन्न उत्पादक राज्यों से रबी फसलों की बोवनी को लेकर 28 दिसंबर, 2018 तक के जो आंकड़े पेश किए गए हैं, उनके मुताबिक गेहूं की बोवनी 277.52 लाख हेक्टेयर में हो गई है। पिछले रबी सीजन की समान अवधि में इस फसल की बोआई 274.16 लाख हेक्टेयर में हुई थी।

गेंहू की बोवनी बढ़ने की मुख्य वजह न्यूनतम समर्थन मूल्य पर इसकी खरीदी और राज्यों द्वारा इस पर बोनस दिया जाना है। यही कारण रहा कि पिछले रबी सीजन के मुकाबले चालू सीजन में अब तक गेहूं की बोवनी 3.22 लाख हेक्टेयर बढ़ी है।

दलहन

अब तक दलहन की बोवनी 140.67 लाख हेक्टेयर में हुई है। पिछले रबी सीजन की समान अवधि में दलहन की बोवनी 150.19 लाख हेक्टेयर में हो गई थी। इस मामले में अब तक 9.52 लाख हेक्टेयर की कमी आई है। दलहन की बोवनी कम होने की बड़ी वजह अधिकांश दलहन में सरकार के पास जमा स्टॉक के कारण पूरे साल भाव कम रहना है।

मोटे अनाज

चालू रबी सीजन में अब तक मोटे अनाज की बोवनी 42.22 लाख हेक्टेयर में ही हो पाई है। इसके मुकाबले पिछले सीजन की समान अवधि में मोटे अनाज की बोवनी 50.51 लाख हेक्टेयर में हो गई थी। इस मामले में बोवनी 8.69 लाख हेक्टेयर कम रही है।

तिलहन

तिलहन की बोवनी अब तक 74.15 लाख हैक्टेयर में हुई है। पिछले रबी सीजन की समान अवधि में तिलहन की बोवनी 74.40 लाख हेक्टेयर में हुई थी। इस हिसाब से चालू रबी फसल सीजन में अब तक तिलहन की बोवनी 0.25 हजार हेक्टेयर कम रही है।

धान

चालू रबी फसल सीजन में अब तक धान की बोवनी 11.81 लाख हेक्टेयर में ही हो पाई है। पिछले सीजन की समान अवधि में अब तक इस फसल की बोवनी 16.45 लाख हेक्टेयर में हो गई थी। इस मामले में अब तक 4.64 लाख हेक्टेयर की कमी आई है।