नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में स्टार्टअप्स की संख्या 7,000 से अधिक है। साथ ही इस इलाके में 10 यूनीकार्न (एक नियंत्रण वाले नामी स्टार्टअप) भी है। इन कंपनियों का मूल्यांकन 50 अरब डॉलर के करीब है। टीआईई-दिल्ली-एनसीआर और जिनोव की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टार्टअप्स और यूनिकॉर्न के मामले में बेंगलुरु और मुंबई की तुलना में दिल्ली-एनसीआर कहीं आगे है। 'टर्बोचार्जिंग दिल्ली-एनसीआर स्टार्ट-अप इकोसिस्टम' शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में कुल स्टार्टअप्स में 23 प्रतिशत दिल्ली-एनसीआर में हैं।

रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में स्टार्टअप्स की संख्या 7,039 है। बेंगलुरु में इनकी संख्या 5,234, मुंबई में 3,829 और हैदराबाद में 1,940 है। इन नई कंपनियों की स्थापना 2009 से 2019 के दौरान हुई है। दिल्ली-एनसीआर की बात की जाए, तो दिल्ली में 4,491 स्टार्टअप्स हैं।

गुरुग्राम में 1,544 और नोएडा में 1,004 स्टार्टअप्स हैं। रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया गया है कि दिल्ली-एनसीआर में 10 यूनिकॉर्न कंपनियां हैं। इन कंपनियों का मूल्यांकन एक अरब डॉलर से अधिक का होता है। बेंगलुरु में ऐसी कंपनियों की संख्या नौ है, जबकि मुंबई और पुणे में दो-दो और चेन्नाई में एक ऐसी कंपनी है।

पांच शीर्ष में आना संभव

रिपोर्ट कहती है कि दिल्ली-एनसीआर वैश्विक स्तर पर पांच शीर्ष स्टार्टअप्स हब में आ सकता है। यहां सक्रिय प्रौद्योगिकी स्टार्टअप्स की संख्या को 12,000 तक पहुंचाया जा सकता है। जबकि यूनिकॉर्न की संख्या को 30 तक किया जा सकता है। ऐसा होने पर इन कंपनियों का कुल मूल्यांकन 150 अरब डॉलर से अधिक हो जाएगा।