नई दिल्ली। केंद्र सरकार विमान यात्रियों के लिए डिजिटल पहचान को अनिवार्य बनाने रही है। इसके तहत टिकट बुकिंग के वक्त यात्री के लिए आधार, पैन अथवा पासपोर्ट नंबर भरना जरूरी होगा।

इससे हवाई अड्डों पर समय की बचत होने से कुल यात्रा अवधि में कमी आएगी। सरकार का 'डिजियात्रा' नामक इस स्कीम को अगले तीन-चार महीनों में लागू करने का इरादा है।

केंद्रीय विमानन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि डिजियात्रा के तहत यात्री को बुकिंग के वक्त आधार, पैन, पासपोर्ट अथवा अन्य किसी दस्तावेज का नंबर देना होगा।

आधार ही नहीं, इनमें से कोई भी एक नंबर काफी होगा। आधार को किसी भी तरह से अनिवार्य नहीं बनाया जाएगा। आधार ही क्यों, स्वयं डिजियात्रा भी वैकल्पिक होगी।

इसके लागू होने के बाद भी यात्री मौजूदा तरीकों से विमान यात्रा कर सकेंगे। इनके तहत एयरपोर्ट में प्रवेश से लेकर बोर्डिंग गेट पार करने और विमान में सवार होने तक जांच अफसरों को टिकट और बोर्डिंग पास दिखाना पड़ता है।

डिजियात्रा के तहत एक बार आधार, पैन अथवा पासपोर्ट नंबर दर्ज कराने के बाद यात्री को मोबाइल फोन पर एसएमएस के जरिये एक डिजिटल क्यूआर कोड आवंटित किया जाएगा।

यह कोड एयरपोर्ट में प्रवेश से लेकर सिक्योरिटी जांच, बोर्डिंग गेट पार करने और विमान में सवार होने तक हर जगह काम करेगा। हर जगह इलेक्ट्रॉनिक गेट के जरिये यात्री की पहचान होगी और हरी झंडी मिलती जाएगी।

कोड का मिलान नहीं होने पर यात्री आगे नहीं जा सकेगा। हालांकि एयरपोर्ट के भीतर अन्य सेवाएं हासिल करने के लिए यात्री को आधार कार्ड वगैरह दिखाना होगा।

सिन्हा ने कहा कि इस स्कीम के कार्यान्वयन के तौरतरीके तैयार करने के लिए विमानन मंत्रालय ने एक डिजिटल ट्रैवलर कार्यदल का गठन किया है। यह तीस दिन में अपनी रिपोर्ट देगा।

इसके बाद इस पर अगले तीस दिन के दौरान लोगों की राय ली जाएगी। अंततः राय के आधार पर उसके तीन माह बाद स्कीम को लागू कर दिया जाएगा।

अभी विमान यात्रियों को एयरपोर्ट के प्रवेश द्वार पर सीआइएसएफ जवान को कागजी या डिजिटल टिकट के साथ अपना कोई एक वास्तविक पहचान पत्र दिखाना पड़ता है।

इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आइकार्ड, पासपोर्ट आदि शामिल हैं। इसके बाद यदि टिकट कागजी है, तो एयरपोर्ट के भीतर संबंधित एयरलाइन काउंटर से कागजी बोर्डिंग पास लेना पड़ता है।

इसके बाद सुरक्षा जांच के वक्त बोर्डिंग पास पर सुरक्षा मुहर लगती है। इसके आगे बोर्डिंग गेट पर इस मुहर युक्त बोर्डिंग पास की जांच कर्मचारी द्वारा की जाती है।

टारमैक पर विमान में सवार होने पहले एयरलाइन स्टाफ द्वारा पुनः बोर्डिंग पास की जांच की जाती है। इस प्रक्रिया में कभी कभी उड़ान में लगने वाले समय से ज्यादा वक्त लग जाता है।

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