नई दिल्ली। त्योहारों के सीजन में फ्लिपकार्ट और अमेजन पर विशेष सेल्स ऑफर के जरिए दी जा रही भारी-भरकम छूट पर सरकार की नजर है। वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक पता लगाया जा रहा है कि इस मामले में कहीं विदेशी निवेश के नियमों का उल्लंघन तो नहीं किया जा रहा है।

केंद्र सरकार ने इसी साल फरवरी में नए नियम लागू किए थे। इसका मकसद छोटी-मोटी दुकानें चलाकर जीवनयापन करने वाले करीब 13 करोड़ लोगों का रोजगार बचाने के लिए ऑनलाइन रिटेलिंग कंपनियों की तरफ से भारी-भरकम छूट के चलन पर अंकुश लगाना है। इसके कारण ई-कॉमर्स कंपनियों को कारोबार का ढांचा बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा। अमेरिका ने इसकी कड़ी आलोचना की, जिसके चलते नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच व्यापारिक संबंध तनावपूर्ण हो गए।

हालांकि अमेजन और फ्लिपकार्ट कहती रही हैं कि वे नियमों का सही तरीके से पालन करती हैं, लेकिन स्थानीय व्यापारी संगठनों का कहना है कि ये दोनों कंपनियां ग्राहकों को भारी-भरकम डिस्काउंट देने के लिए नियमों का उल्लंघन करते हुए पैसा पानी की तरह बहा रही हैं। उनके मुताबिक त्योहारों के चालू सीजन में 50 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में ऐसा हो रहा है।

अमेज़ॅन इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा कि इसके ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रोड्क्‍टस की कीमतें विक्रेताओं द्वारा निर्धारित की जाती हैं। उन्‍होंने कहा है कि, "हम अपने मार्केटप्लेस पर विक्रेताओं के लिए अमेज़न, ईज़ी शिप और सेलर फ्लेक्स जैसी सेवाओं की पेशकश करने के लिए कड़ी मेहनत और लगातार नए काम करते हैं। गौरतलब है कि हर साल दिवाली के अवसर पर विभिन्‍न कंपनियों द्वारा ग्राहकों को लुभाने के लिए आकर्षक ऑफर्स दिए जाते हैं। इस क्षेत्र में अब ऑनलाइन कंपनियां भी सामने आ गई हैं। कई ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियां अपने ग्राहकों को फेस्टिवल सीजन पर भारी-भरकम ऑफर दे रही हैं।

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Posted By: Nai Dunia News Network