नई दिल्ली।

फ्रांस की ऊर्जा कंपनी 'टोटल' ने सोमवार को गौतम अडाणी के नेतृत्व वाली कंपनी अडानी गैस की 37.4 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की। गैस मार्केटिंग एवं वितरण कंपनी ने फिलहाल इस सौदे के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी।

दोनों कंपनियों की तरफ से प्राकृतिक गैस के आयात और खुदरा बिक्री के लिए आधी-आधी हिस्सेदारी वाला साझा उपक्रम की घोषणा किए जाने के करीब एक साल बाद नई डील का ऐलान किया गया है।

फ्रांसीसी कंपनी की ओर से जारी बयान के मुताबिक अडानी और टोटल के बीच 50-50 प्रतिशत की भागीदारी में गैस वैल्यू चेन, खास तौर पर दो आयात और रिगैसिफिकेशन टर्मिनल, पूर्वी भारत में धामरा और पश्चिम में मुंद्रा समेत कई एसेट शामिल हैं।

टोटल का कहना है कि अडानी ग्रुप के साथ भागीदारी का विस्तार करने का मकसद भारतीय प्राकृतिक गैस बाजार के विकास में अपना योगदान देना है।

टोटल और अडानी ग्रुप भारत और बांग्लादेश में के ऊर्जा बाजार में एक साझा उपक्रम बनाएंगे।

अडानी गैस की अहमियत

- देश में सिटी गैस का चौथा बड़ा डिस्ट्रिब्यूटर

- इसमें अडानी ग्रुप की 74.8 प्रतिशत हिस्सेदारी

- टोटल इसमें से 37.4 फीसदी हिस्सेदारी लेगी

ऐसे होगी यह डील

- टोटल शुरुआत में टेंडर के जरिए आम शेयरधारकों से 25.2 फीसदी इक्विटी शेयर खरीदेगी

- बाद में शेष हिस्सेदारी का सौदा अडानी ग्रुप से करेगी फ्रांसीसी कंपनी

सालाना 5 प्रतिशत बढ़ा बाजार

प्राकृतिक गैस के भारतीय बाजार में कारोबार बढ़ने की व्यापक संभावनाएं हैं। फिलहाल देश की कुल ऊर्जा खपत में इसका योगदान महज 7 फीसदी है। लेकिन, इसमें पिछले तीन वर्ष से सालाना 5 फीसदी से अधिक वृद्घि दर्ज की गई है। भारत ने साल 2030 तक ऊर्जा की कुल खपत में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है।

- फ्रेंच और भारतीय कंपनी ने 50ः50 फीसदी का साझा उपक्रम बनाया

- पूर्वी भारत में धामरा और पश्चिम में मुंद्रा समेत कई एसेट डील में शामिल

- टोटल दुनिया की दूसरी बड़ी लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) कंपनी है

- अडानी ग्रुप भारत का सबसे बड़ा एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर सूमह है

Posted By: Nai Dunia News Network

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