नई दिल्ली। सरकार ने पीएफ के नियमों में संशोधन किया है। श्रम मंत्रालय के मुताबिक इस साल 1 अगस्त से गंभीर बीमारी के इलाज, बच्चों की पढ़ाई और शादी के लिए पीएफ की पूरी रकम निकालने की छूट होगी। नए नियम राज्यों और केंद्र सरकार के कर्मचारियों पर भी लागू होंगे।

इससे पहले सरकार ने कर्मचारी के नौकरी छोड़ने या निकाले जाने के बाद 58 साल की उम्र तक पीएफ की पूरी रकम नहीं निकालने की व्यवस्था दी थी। यह नियम 1 मई, 2016 से लागू होना था। लेकिन, इस नियम का काफी विरोध हुआ और ट्रेड यूनियन की ओर से श्रम मंत्री को ज्ञापन भी सौंपा गया। इसके बाद ही पीएफ के नियमों में संशोधन किया गया।

बहरहाल, संशोधित नियमों के मुताबिक मकान बनाने, खुद का या परिवार के किसी सदस्य का इलाज कराने या बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए पीएफ की रकम बिना किसी बाधा के निकाली जा सकेगी। मेडिकल, डेंटल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए किसी भी वक्त निकासी की जा सकेगी। साथ ही बच्चों की शादी के लिए भी कर्मचारी पीएफ से पैसा निकाल पाएगा।

केंद्र सरकार ने फरवरी में पीएफ निकासी के नियम कड़े कर दिए थे। नए नियमों के अनुसार 30 अप्रैल के बाद कर्मचारी पीएफ खाते से केवल अपना योगदान ही निकाल सकेंगे। पीएफ का पूरा पैसा निकलाने के लिए कर्मचारियों को अब 58 साल की उम्र तक इंतजार करना पड़ेगा। सदस्य नियोजक की ओर से जमा की गई रकम और उस पर मिलने वाले ब्याज की निकासी नहीं कर सकेगा। यह रकम निकालने के लिए 58 साल की उम्र तक इंतजार करना होगा।

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