मुंबई। फाइनेंशियल क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने वित्त वर्ष 2019-20 में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्घि दर को लेकर अपना अनुमान काफी कम करके 5.1 प्रतिशत कर दिया है। पहले एजेंसी ने 6.3 प्रतिशत विकास दर का अनुमान लगाया था। एक अन्य एजेंसी डन एंड ब्रैडस्ट्रीट ने कहा है कि निकट भविष्य में भारत की आर्थिक वद्घि दर कम रह सकती है। क्रिसिल ने यह बात ऐसे समय कही है, जब रिजर्व बैंक 5 दिसंबर को नीतिगत ब्याज दरों की समीक्षा करने वाला है। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक 3 दिसंबर से शुरू होगी। क्रिसिल का यह अनुमान जापान की ब्रोकरेज कंपनी नोमुरा के 4.7 प्रतिशत अनुमान के बाद सबसे कम है। रेटिंग एजेंसी ने जीडीपी वृद्घि का आंकड़ा आने के कुछ ही दिन बाद नया अनुमान लगाया है।

पिछले सप्ताह शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़े के अनुसार चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में देश की आर्थिक विकास दर 4.5 प्रतिशत रही। इसके कारण पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में वृद्घि दर 4.75 प्रतिशत रह गई, जो कई साल का न्यूनतम स्तर है।

एजेंसी ने अपनी रिसर्च रिपोर्ट में कहा है, 'औद्योगिक उत्पादन, वस्तु निर्यात, बैंक कर्ज उठाव, टैक्स संग्रह, माल का आना-जाना और बिजली उत्पादन जैसे प्रमुख अल्पकालिक संकेतक वृद्घि में नरमी का इशारा कर रहे हैं।' 2012-13 के जनवरी-मार्च की अवधि में पिछला कम 4.3 प्रतिशत दर्ज किया गया था।

सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि 2018-19 की इसी तिमाही में 7 प्रतिशत दर्ज की गई थी। गत छह महीने की अवधि (अप्रैल-सितंबर 2019) के दौरान देश की अर्थव्यवस्था 4.8 प्रतिशत बढ़ी। इधर, एक साल पहले इसी अवधि में यह 7.5 प्रतिशत थी।

Posted By: Nai Dunia News Network