मल्‍टीमीडिया डेस्‍क। भारत की विकास दर को झटका लगा है। जीडीपी दर घटकर पिछले 6 साल के निचले स्‍तर पर जा पहुंची है। अब यह घटकर साढ़े चार प्रतिशत रह गई है। देश की आर्थिक विकास दर में और गिरावट आई है। मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2019) के दौरान विकास 4.5 प्रतिशत पर आ गई जो छह साल में सबसे कम है। शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। इससे पहले वर्ष 2012-13 की जनवरी-मार्च अवधि में देश की विकास दर 4.3 प्रतिशत रही थी जबकि पूर्व वर्ष 2018-19 की इसी अवधि में जीडीपी वृद्धि दर 7 प्रतिशत रही थी। मौजूद वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर 2019) के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था 4.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी जबकि पूर्व वित्त वर्ष की पहली छमाही में यह 7.5 प्रतिशत रही थी।

चीन से तुलना करें तो इस वर्ष की जुलाई-सितंबर अवधि में चीन की विकास दर 6 प्रतिशत रही है जो 27 साल में सबसे कम है। शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत की आर्थिक वृद्धि जुलाई-सितंबर में छह साल के निचले स्तर 4.5 प्रतिशत पर पहुंच गई।

2012-13 के जनवरी-मार्च की अवधि में पिछला कम 4.3 प्रतिशत दर्ज किया गया था। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि 2018-19 की इसी तिमाही में 7 प्रतिशत दर्ज की गई थी। गत छह महीने की अवधि (अप्रैल-सितंबर 2019) के दौरान देश की अर्थव्यवस्था 4.8 प्रतिशत बढ़ी। इधर, एक साल पहले इसी अवधि में यह 7.5 प्रतिशत थी।

रिजर्व बैंक ने जीडीपी वृद्धि के अनुमान को 2019-20 के लिए घटाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया जो कि पहले के 6.9 प्रतिशत के पूर्वानुमान से था। गत जुलाई-सितंबर 2019 में चीन की आर्थिक वृद्धि 6 प्रतिशत थी। यह गत 27 वर्षों में सबसे कमजोर विस्तार था।

कांग्रेस ने भाजपा को घेरा

दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 4.5 प्रतिशत पर आ जाने को लेकर कांग्रेस ने भाजपा को घेरा। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने नाथूराम गोडसे को लेकर भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के बयान पर विवाद का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा के लिए जीडीपी 'गोडसे डिवाइसिव पॉलिटिक्स" है। उन्होंने कहा कि भारत की जीडीपी भरभराकर 4.5 प्रतिशत पर आ गई है। छह सालों में यह सबसे कम है लेकिन भाजपा क्यों जश्न मना रही है? क्योंकि उनकी जीडीपी (गोडसे डिवाइसिव पॉलिटिक्स) की समझ द्विअंकीय वृद्धि पर है।

Posted By: Navodit Saktawat