Gold Rate : शादी करने के लिए हालांकि लंबी कतार में घंटों खड़े होकर कलेक्टर से अनुमति लेनी पड़ रही है, लेकिन सोने की कीमत घटने से बड़ी राहत भी मिली है। नवंबर के दौरान अब तक स्थानीय सराफा बाजार में सोने की कीमत करीब 1,800 रुपये प्रति 10 ग्राम कम हो गई है। यदि पिछले चार महीनों की बात करें तो गहने वाला सोना 6,500 रुपये से ज्यादा सस्ता हुआ है। स्थानीय सराफा बाजार में दो नवंबर को सोने की कीमत 52,450 रुपये तक गई थी, जो गुरुवार को ऊंचे में 50,675 रुपये रही। गहने 22 कैरेट सोने के बनते हैं, जिसकी कीमत इससे भी कम हो गई है। इस महीने चांदी के भाव भी करीब एक हजार रुपये घटे हैं। 'इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन' (आइबीजेए) के आंकड़ों के मुताबिक पिछले करीब चार महीनों में 22 कैरेट सोने की कीमत में 6,550 रुपये कम हो गई। जाहिर है, महामारी के चलते जिन लोगों ने शादियां टाल दी थीं, उन्हें बड़ी राहत मिली है।

स्थानीय सराफा

- 52,450 रुपये तक गई थी दो नवंबर को सोने की कीमत

- 50,675 रुपये तक गया 26 नवंबर को 10 ग्राम सोना

- 1,775 रुपये/10 ग्राम सस्ता हुआ सोना इस माह अब तक

(एक नवंबर, रविवार को बाजार बंद था।)

राष्ट्रीय स्तर पर

- 51,411 रुपये थी 22 कैरेट सोने की कीमत अगस्त में

- 44,861 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया अब इसका भाव

- 6,550 रुपये की गिरावट आई करीब चार महीनों में

(गहने आम तौर पर 22 कैरेट सोने के बनते हैं। स्रोतः इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन)

अंतरराष्ट्रीय बाजार

अगस्त के ऊंचे स्तर से अब तक सोने की कीमत 14 प्रतिशत और चांदी का भाव 23 प्रतिशत घटा है।

ऊंची कीमतों से घटी थी मांग

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) के मुताबिक जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान भारत में सोने के गहनों की मांग 52.8 टन रही। इसके मुकाबले अप्रैल-जून तिमाही में यह आंकड़ा 44 टन था। हालांकि तिमाही-दर-तिमाही स्वर्ण आभूषणों की मांग बढ़ी है, लेकिन यदि पिछले साल की सितंबर तिमाही से तुलना करें तो इस मामले में 48 प्रतिशत गिरावट नजर आएगी। काउंसिल का मानना है कि सोने की कीमत 50 हजार रुपये से ऊपर निकलने का गहरा असर भारत में गहनों की मांग पर हुआ।

अब बढ़ सकती है मांग

डब्ल्यूजीसी के एमडी सोमसुंदरम पीआर ने कहा कि यदि कीमतें मौजूदा स्तर पर बनी रहीं या इसमें आगे और गिरावट आती है तो अक्टूबर-दिसंबर (चौथी) तिमाही में स्वर्ण आभूषणों की मांग बढ़ सकती है। उन्होंने कहा, 'चौथी तिमाही में गहनों की मांग निश्चित रूप से बढ़ेगी। कारण यह है कि दूसरी तिमाही में खरीदारी ठप थी और तीसरी तिमाही में मामूली खरीदारी हुई। तब ज्यादातर शादियां टाल दी गईं थीं, जो अब होंगी।' इंदौर सराफा एसोसिएशन के सचिव अविनाश शास्त्री ने कहा कि फरवरी, 2021 तक गहनों की अच्छी मांग बने रहने के आसार हैं।

Posted By: Navodit Saktawat

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