Gold Rate: सोने की कीमत गुरुवार को 1,800 डॉलर प्रति औंस से ऊपर रही। यह पिछले नौ वर्षों के सबसे ऊंचे स्तर के करीब है, जहां सोना बुधवार को पहुंचा था। यह दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर बढ़ती चिंता का नतीजा है, जिसके चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था ठहर गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1,809.19 डॉलर प्रति औंस रहा। बुधवार को सोना 1,817.71 डॉलर प्रति औंस रहा था, जो सितंबर 2011 से अब तक सबसे ऊंचा स्तर है। यूएस गोल्ड फ्यूचर भी एक दिन पहले के मुकाबले महज 0.3 प्रतिशत घटकर 1,816 डॉलर प्रति औंस बंद हुआ। भारतीय सराफा बाजार में भी सोने की कीमत कहीं-कहीं 50,500 रुपये प्रति 10 ग्राम से ऊपर निकल गई है।

बैंक ऑफ चाइना इंटरनेशनल के विश्लेषक जिओ फू ने कहा, 'एक साथ कई चीजें सोने के पक्ष में काम कर रही हैं। दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों की तरफ से अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए बाजार में नकदी बढ़ाने के उपाय और वैश्विक पैमाने पर मंदी जैसे हालात इसमें शामिल हैं। इनकी बदौलत मध्यम अवधि में सोने की कीमत ऊंची बने रहने की संभावना है।' इस विश्लेषक ने यह भी कहा, 'आगे चलकर सोने में भारी उतार-चढ़ाव की आशंका है। हो सकता है कि अगले कुछ दिन में बेहतर आर्थिक आंकड़े जारी होने लगे, जिनसे संकेत मिलने लगे कि परिस्थितियां सामान्य होने की दिशा में बढ़ रही हैं। ऐसे में सोने की तेजी थम जाएगी और कीमतों में एक सीमा तक गिरावट भी आ सकती है।'

सोने में तेजी का सबसे बड़ा कारण

दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़कर 1.25 करोड़ के करीब पहुंच गए हैं। इस महामारी से अब तक पांच लाख से ज्यादा लोगों की जान भी जा चुकी है। दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका 50 में से 42 राज्यों में पिछले दो हफ्तों के दौरान कोरोना संक्रमण के मामले बढ़े हैं। अमेरिका में इस बीमारी ने सबसे ज्यादा लोगों को चपेट में लिया है और यहीं सबसे ज्यादा मौतें भी हुई हैं। इसके कारण एक बार फिर लॉकडाउन की आशंका बढ़ गई है। भारत के कुछ राज्यों ने कुछ शहरों से इसकी शुरुआत भी कर दी है। जाहिर है, अर्थव्यवस्था को लेकर आशंकाएं गहरा गई हैं।

फेड ने बढ़ाई चिंता

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के अधिकारियों ने बुधवार को निराशा बढ़ाने वाले बयान दिए। उनके मुताबिक दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में रिकवरी की उम्मीद खत्म होती जा रही है। इस मामले में गौर करने वाली बात है कि यदि अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता गहराती है तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं पर होता है।

दूसरे दौर के लॉकडाउन की आशंका

एफएक्सटीएम के विश्लेषक लुकमान ओटुनुगा ने कहा, 'कई देशों में दूसरे दौर के लॉकडाउन और वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्घि दर धीमी पड़ने की आशंका बढ़ी है। ऐसे में सोने की चमक बरकरार रह सकती है, बावजूद इसके कि शेयर बाजार भी लगातार बढ़त दिखा रहा है।' आम तौर पर शेयर बाजार में तेजी वाले दौर में सोने की कीमतें घटने लगती हैं, लेकिन इस बार ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है।

Posted By: Arvind Dubey

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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