निर्पेन्द्र यादव / वरिष्ठ विश्लेषक / स्वस्तिका इंवेस्टमार्ट

कीमती धातुओं मे यूरोपियन सेंट्रल बैंक ( ईसीबी) की बैठक के बाद तेजी बनी और डॉलर सूचकांक मे ऊपरी स्तर से दबाव बना। ईसीबी ने मौद्रिक नीति मे सोने के लिए कोई गंभीर बाधा पेश नहीं की क्योंकि आर्थिक पूर्वानुमान उम्मीद से अधिक उत्साहित थे जबकि विनिमय दर पर टिप्पणियां सहज रही है। घरेलू वायदा सोना पिछले सप्ताह 800 रुपये प्रति दस ग्राम तथा चांदी 3500 रुपये प्रति किलो तक तेज हुई है। प्रमुख त्योहारों के पहले ज्वेलर्स की मांग से हाज़िर मांग को समर्थन मिलने की उम्मीद है जिससे उनकी कच्चे माल में खरीदी बढ़ी है। ईसीबी के मुताबिक ब्याज दरों मे कोई बदलाव नहीं किया गया है और इसके बांड खरीद कार्यक्रम को जारी रखा जिससे वित्तीय संकट कम होगा और मुद्रास्फीति नकारात्मक दिशा में नहीं जाएगी। ईसीबी की इस टिप्पणी से कीमती धातुओं के भाव को समर्थन मिला है । पिछले सप्ताह डॉलर के मुकाबले पाउंड में 3.6 प्रतिशत तक की गिरावट आई है और कोवीड-19 महामारी के बाद ब्रेक्सिट मुद्दे पर गतिविधि बढ़ने से कीमती धातुओं के भाव निचले स्तर से सुधरने लगे हैंं।

आगामी संभावना : इस सप्ताह अक्टूबर वायदा सोने के भाव मे तेज़ी रह सकती है और इसमे 50500 रुपये के निचले स्तर पर समर्थन तथा 52300 रुपये के ऊपरी स्तर पर प्रतिरोध है। चांदी दिसंबर वायदा के भाव तेज़ रहने की संभावना है और इसमें 66000 रुपये पर समर्थन और 71500 रुपये पर प्रतिरोध है।

प्रमुख आंकड़े : इस सप्ताह अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जारी होने वाले प्रमुख आंकड़े जिनमे, बुधवार को रीटेल सेल्स और फ़ेडरल फंड रेट, गुरुवार को फिली फेड मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई, बेरोज़गारी के दावे तथा शुक्रवार को कंस्यूमर सेंटीमेंट के आंकड़े प्रमुख होंगे।

अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में ये हो सकते हैं समीकरण

ब्रिटिश सरकार के अनुसार उसका नया आंतरिक बाजार विधेयक अंतरराष्ट्रीय कानून को बहुत ही विशिष्ट और सीमित तरीके से तोड़ देगा। नया ब्रिटिश बिल, अगर अनुमोदित हो जाता है, तो मंत्रियों को निर्यात घोषणाओं और अन्य निकास प्रक्रियाओं को संशोधित करके ब्रेक्सिट वापसी समझौते के उत्तरी आयरलैंड प्रोटोकॉल के कुछ हिस्सों को लागू करने की शक्ति देगा। यूरोपीय संघ के राजनयिकों ने कहा कि यूनाइटेड किंगडम अधिकारियों द्वारा इस सप्ताह के शुरू में एक मसौदा कानून पेश किए जाने के बाद, यूरोपियन यूनियन के अधिकारी ब्रिटेन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकता है जो ब्रेक्सिट वार्ता के चार साल पूरे होने के बाद अलगाव की संधि को तोड़ सकता है। ब्रेक्सिट पर इस तरह का विवाद और अनिश्चितता कीमती धातुओं के भाव को आगे भी समर्थन कर सकती है।

Posted By: Navodit Saktawat

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