नई दिल्ली। लंबित आर्थिक सुधारों को लागू करने के बाद सरकार घाटे में चल रहे सार्वजनिक उपक्रमों को बंद करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्र ने घाटे में चल रहे करीब डेढ़ दर्जन पीएसयू को बंद करने का फैसला किया है।

इनमें से कम से कम आधा दर्जन पीएसयू को बंद करने के प्रस्ताव पर कैबिनेट मुहर लगा सकती है जबकि शेष को बंद करने की घोषणा भी जल्द ही हो सकती है।

सूत्रों ने कहा कि सरकार ने नीति आयोग की सिफारिश पर इन उपक्रमों को बंद करने का फैसला किया है। आयोग ने कुल 26 पीएसयू को बंद करने की सिफारिश की थी लेकिन इसमें से कुछ को मंत्रियों की समिति ने घाटे से उबार कर बेहतर स्थिति में लाने को कहा है। वहीं कुछ पीएसयू पर संबंधित मंत्रालय प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ विचार विमर्श कर रहे हैं।

बंद होने वालों ये भी

  • भारत वैगंस एंड इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड
  • नेशनल जूट मैन्युफैचरिंग कॉरपोरेशन
  • सेंट्रल इनलैंड वाटर ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन

सूत्रों ने कहा कि टैक्सटाइल मंत्रालय के अधीन आने वाले दो पीएसयू ब्रिटिश इंडिया कारपोरेशन लिमिटेड और एल्गिन मिल्स कंपनी लिमिटेड को लेकर मंत्रालय के अधिकारी पीएमओ के साथ विचार विमर्श कर रहे हैं।

वहीं विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन आने वाले नेशनल रिसर्च डवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को खुद नीति आयोग ने ही बनाए रखने की सिफारिश की है। इसी तरह पेट्रोलियम मंत्रालय के अधीन आने वाले एचपीसीएल बॉयोफ्यूल्स लिमिटेड को बंद करने का मंत्रालय ने विरोध किया है और इसे बिहार सरकार को ट्रांसफर करने पर विचार किया जा रहा है।

सूत्रों ने कहा कि अब तक हिंदुस्तान केबल्स लिमिटेड, एचएमटी बियरिंग लिमिटेड, एचएमटी चिनार वाचेज लिमिटेड, एचएमटी वाचेज लिमिटेड, तुंगभद्रा स्टील प्रोडक्ट लिमिटेड, हिन्दुस्तान फोटो फिल्म्स मैन्युफैक्चरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड, हिन्दुस्तान डायमंड कंपनी लिमिटेड को बंद करने का फैसला हो चुका है।

कैबिनेट की आर्थिक मामलों संबंधी 21 सितंबर को हिंदुस्तान डायमंड कंपनी लिमिटेड को बंद करने का फैसला कर चुकी है। इस कंपनी में भारत सरकार और डी बीयर्स केंटेनरी मॉरिसस लिमिटेड की हिस्सेदारी है।

उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस साल के आम बजट में नीति आयोग को विनिवेश और बंद करने के लिए पीएसयू की पहचान करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके बाद ही आयोग ने संबंधित मंत्रालयों के साथ विचार-विमर्श के आधार पर इन पीएसयू को बंद करने की सिफारिश की है।

रणनीतिक विनिवेश में कर्मचारियों को मिलेंगे ज्यादा शेयर

सरकार ओएनजीएसी जैसे ब्लू चिप उपक्रमों में रणनीतिक विनिवेश की भी कर रही है। विनिवेश में इन उपक्रमों के ज्यादा शेयर देने के लिए इनके कर्मचारियों का कोटा बढ़ाकर दोगुना किया जाएगा। इसके लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी ने सरकार के प्रस्ताव पर रजामंदी दे दी है।

इस साल के शुरू में सरकार ने आइओसी और एनटीपीसी में विनिवेश किया था। उस समय कर्मचारियों की सब्सक्रिप्शन मांग काफी अच्छी रही। इसी से उत्साहित सरकार ने यह कदम उठाया है। वित्त मंत्रालय ने शेयरों के लिए प्रति कर्मचारी दो लाख रुपये आवेदन की सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था।