GST Council Meeting: जीएसटी काउंसिल की दो दिवसीय बैठक चंडीगढ़ में संपन्न हुई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई इस बैठक के पहले दिन कई प्रस्तावों पर मुहर लगी। वहीं आखिरी दिन राज्यों को जीएसटी मुआवजा वृद्धि के प्रस्ताव पर फैसला नहीं लिया गया। साथ ही ऑनलाइन गेमिंग पर 28% टैक्स लगाने का प्रस्ताव टाल दिया गया है।

जीओएम के प्रस्तावों पर हुई चर्चा

जीएसटी काउंसिल की मीटिंग के आखिरी दिन प्रदेशों को जीएसटी मुआवजा बढ़ाने के प्रस्ताव पर फैसला नहीं लिया गया। वित्त मंत्री निर्माण सीतारमण ने कहा, '16 राज्यों ने क्षतिपूर्ति के मुद्दे पर बात रखीं।' बैठक में जीओएम के चार प्रस्तावों पर चर्चा हुई। ऑनलाइन गेमिंग, कसीनो और घुड़दौड़ पर 28% टैक्स के प्रस्ताव को अगली बैठक तक टाल दिया गया है। अब अगली काउंसिल बैठक अगस्त में होगी।

रिपोर्ट देने को कहा

वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी परिषद ने मंत्रियों के समूह से 15 जुलाई तक टैक्स दर पर विचार करने को कहा है। जिन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। उनमें रेट रेशनलाइजेशन पैनल को एक्सटेंशन दिया गया है। वहीं इनवर्टेड ड्यूटी के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

खाद्य पदार्थों पर लगेगा 5 फीसदी टैक्स

रिपोर्ट के मुताबिक बैठक के पहले दिन कई बड़े फैसले लिए गए। प्री-पैकेज्ड व लेवल वाले आटा और चावल पर 5 फीसदी टैक्स लगेगा। मीट, मछली, दही और शहद पर भी 5% की दर से टैक्स लगेगा। वहीं गुड़, विदेशी सब्जियां, अनरोस्टेड कॉफी बीन, अनप्रोसेस्ड ग्रीन टी, व्हीट ब्रान और राइस ब्रान को छूट से बाहर रखा गया।

बजट होटल में रहना महंगा

अब बजट होटल में रहना महंगा होगा। अब एक हजार रुपए प्रति दिन से कम के होटल के रूम पर 12 फीसदी की दर से टैक्स लगेगा। फिलहाल ऐसे कमरे टैक्स मुफ्त कैटेगरी में आते हैं। वहीं चेक जारी करने के लिए बैंक द्वारा लगने वाले शुल्क पर जीएसटी लगाने के प्रस्ताव पर मुहर लगी है। इसके अलावा बैठक में छोटे ऑनलाइन कारोबारियों के लिए अनिवार्य पंजीकरण को माफ करने पर सहमति बनी है। कानून में बदलाव 1 जनवरी 2023 से लागू होगा।

Posted By: Shailendra Kumar

  • Font Size
  • Close