नई दिल्ली। जनवरी में जीएसटी राजस्व संग्रह दो माह बाद फिर से एक लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया। वित्त मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। मंत्रालय के अनुसार जनवरी में जीएसटी राजस्व संग्रह एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया जबकि दिसंबर में संग्रह 94,725 करोड़ रुपये रहा था। इस हिसाब से राजस्व में अच्छी वृद्धि हुई है। पिछले साल जनवरी में राजस्व 89,825 करोड़ रुपये रहा था। चालू वित्त वर्ष में तीसरे महीने राजस्व एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा। इससे पहले अप्रैल और अक्टूबर में राजस्व संग्र्रह यह आंकड़ा पार कर गया था।

कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट करके कहा कि तेज विकास दर के चलते राजस्व एक लाख करोड़ रुपये के ऊपर निकल गया। गरीब, किसानों और मध्यम वर्ग के लिए अनेक वस्तुओं की जीएसटी दरों में कटौती किए जाने के बावजूद राजस्व संग्रह ने यह आंकड़ा हासिल किया है। वित्त मंत्रालय के अनुसार चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-जनवरी के बीच जीएसटी राजस्व संग्रह 9.71 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा।

बजट में कुल 13.48 लाख करोड़ रुपये राजस्व का अनुमान लगाया गया था। इस तरह हर महीने संग्रह 1.12 लाख करोड़ रुपये रहना चाहिए। जबकि पिछले वित्त वर्ष में मासिक औसत संग्रह 89,885 करोड़ रुपये रहा था।

पीडब्ल्यूसी इंडिया के पार्टनर एंड लीडर (इनडायरेक्ट टैक्स) प्रतीक जैन ने कहा कि कुछ महीनों में राजस्व कम रहने के बाद जनवरी में बढ़ोतरी सरकार के लिए राहत की बात है। इससे यह स्पष्ट होता है कि प्रक्रिया आसान होने, दरें घटने और कर प्रशासन चुस्त होने से राजस्व संग्रह लगातार बढ़ रहा है।

हालांकि पूरे वित्त वर्ष में संग्रह बजट अनुमान से कम रह सकता है। डिलॉय इंडिया के सीनियऱ डायरेक्टर एमएस मणि ने कहा कि संग्रह में बढ़ोतरी शानदार रही। अगर आगे भी दरों को तर्कसंगत बनाया जाता है तो राजस्व लक्ष्य के करीब पहुंच सकता है।

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