सैन फ्रांसिसको। अमेरिका की टेक्नोलॉजी कंपनी आईबीएम पर उसके ही एक पूर्व कर्मचारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कंपनी पर अमेजन और गूगल की तरह कूल और ट्रेंडी बनने के चक्कर में एक लाख वरिष्ठ कर्मचारियों को निकालने का आरोप है।

'द रजिस्ट्रार' के मुताबिक आईबीएम के पूर्व सेल्समैन जोनाथन लैंगले की ओर से दायर मामले में एचआर वाइस प्रेजिडेंट ऐलन वाइल्ड ने कथित तौर पर कहा, 'पिछले पांच साल या उससे ज्यादा वर्षों के दौरान कंपनी से 50 हजार से लेकर 1 लाख तक वरिष्ठ कर्मचारियों को निकाला जा चुका है।'

उनका आरोप है कि आईबीएम ने दूसरी बड़ी टेक कंपनियों जैसे अमजन, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और फेसबुक के नक्शेकदम पर चलते हुए वरिष्ठ स्टाफ की जगह युवा कर्मचारियों को नियुक्त किया है।

कंपनी की प्रतिक्रिया

हालांकि 108 साल पुरानी कंपनी आईबीएम ने ऐलन वाइल्ड के आरोप का खंडन करते हुए कहा कि कंपनी उम्र के आधार पर भेदभाव नहीं करती। अपने बयान में आईबीएम ने कहा, 'हम हर साल करीब 50 हजार कर्मचारी नियुक्त करते हैं और लगभग 50 करोड़ डॉलर उनकी ट्रेनिंग पर खर्च करते हैं।

हमारे पास हर दिन 8 हजार से ज्यादा नौकरी के आवेदन आते हैं। इसलिए यह साफ है कि आईबीएम की रणनीति और भविष्य की दिशा के बारे में जबर्दस्त उत्साह है।

प्रोपब्लिका में भी आई छंटनी की रिपोर्ट

हालांकि आईबीएम ने पिछले करीब पांच साल में अपने वैश्विक कर्मचारियों के करीब तीन हिस्सों के बराबर कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है, लेकिन इसी अवधि में कंपनी में नए लोगों की जमकर भर्ती भी हुई है।

इससे पहले इसी साल मार्च में अमेरिकी पब्लिकेशन प्रोपब्लिका में भी एक रिपोर्ट छापी थी, जिसमें कहा गया था कि आईबीएम ने पिछले पांच वर्षों में 40 और इससे अधिक उम्र वाले करीब 20 हजार कर्मचारियों की छंटनी की।