- कुल 95 देशों की लिस्ट में 54वां स्थान, दक्षिण कोरिया शीर्ष पर कायम

नई दिल्ली। एजेंसी

भारत पहली बार दुनिया के सबसे इनोवेटिव यानी नवोन्मेषी देशों की जमात में शामिल हुआ है। ब्लूमबर्ग ने इस पैमाने (इनोवेटिव इंडेक्स) पर कुल 95 देशों की लिस्ट में भारत को 54वें पायदान पर रखा है।

इनोवेशन के मामले में दक्षिण कोरिया इस साल भी पहले पायदान पर कायम रहा, हालांकि यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जर्मनी इस एशियाई देश से थोड़ा ही पीछे रहा। मसलन, दक्षिण कोरिया को जहां 87.38 अंक हासिल हुए, वहीं जर्मनी का स्कोर 87.30 रहा।

इनोवेशन के हिसाब से किसी देश के लिए स्कोर तय करने की प्रक्रिया पर ब्लूमबर्ग ने कहा कि 2019 की रैंकिंग प्रक्रिया की शुरुआत 200 से अधिक अर्थव्यवस्थाओं से हुई। इनमें से हरेक को सात समान भारांक वाली श्रेणियों के आधार पर 0-100 अंक दिए गए। जिन देशों ने इनमें से कम से कम 6 श्रेणियों के आधार पर आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए, उन्हें बाहर कर दिया गया और इस तरह लिस्ट में केवल 95 देश रह गए। ब्लूमबर्ग के सालाना इनोवेशन इंडेक्स में कुल सात तरीकों से दर्जनभर मानदंडों का विश्लेषण किया जाता है। शोध एवं विकास (आरएंडडी) पर खर्च, मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और उच्च तकनीक वाली सार्वजनिक कंपनियों का जमावड़ा इनमें शामिल है।

चीन से पहली बार पिछड़ा ब्रिटेन

इनोवेशन के मामले में ब्रिटेन पहली बार चीन से पिछड़ते हुए एक पायदान फिसलकर 18वें स्थान पर आ गया। इसमें चीन को 17वें पायदान पर रखा गया है। चीन का स्कोर दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में एक खास द्वंद्व दर्शाता है। मसलन, हुवेई टेक्नोलॉजी कंपनी और बीओई टेक्नोलॉजी ग्रुप की जोरदार आरएंडडी की बदौलत पेटेंट गतिविधियों के मामले में चीन लिस्ट में शामिल तमाम देशों में दूसरे नंबर पर रहा, लेकिन समग्र तौर पर उत्पादकता के नजरिए से यह अब भी टॉप इनोवेटिव देशों से काफी पीछे है।

पांच सबसे इनोवेटिव देश

देश स्कोर

दक्षिण कोरिया 87.38

जर्मनी 87.3

फिनलैंड 85.57

स्विट्जरलैंड 85.49

इसराइल 84.78

रैंकिंग के तीन बड़े पैमाने

1. शोध एवं विकास पर खर्च

2. मैन्युफैक्चरिंग की क्षमता

3. उच्च तकनीक वाली सार्वजनिक कंपनियां

रैंकिंग की अहमियत इसलिए

यह रैकिंग ऐसे समय जारी की गई है, जब आर्थिक और कारोबारी क्षेत्र के दुनियाभर के दिग्गज स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के सालाना सम्मेलन में हिस्सा लेने जुटे हैं। इस मौके पर वैश्विकरण के भविष्य, राज्य की भूमिका और किसी देश के विकास में इनोवेशन के योगदान जैसे विषयों पर चर्चा हो रही है।

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